भरापूरा परिवार पीछे छोड़ गए रुचिन
रुचिन अपने पीछे दादा-दादी, माता-पिता, पत्नी और एक चार साल के बेटे को रोता बिलखता छोड़ गए हैं। रुचिन की पत्नी और बेटा उनके साथ जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में ही रहते हैं। रावत ने बताया कि रुचिन काफी हंसमुख स्वभाव का था। वे जब छुट्टी में गांव आते थे तो सामाजिक कार्यों में खूब बढ़-चढ़कर भाग लेते थे। गैरसैंण एसडीएम कमलेश मेहता ने बताया कि आधिकारिक रूप से अभी इस संबंध में कोई सूचना प्राप्त नहीं है हुई लेकिन क्षेत्र में कुनीगाड़ गांव के रुचिन सिंह रावत के शहीद होने की बात प्रकाश में आई है।