शीशमबाड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनजमेंट प्लांट के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे समाज सेवी राजेश शर्मा के स्वास्थ्य गिरने लगा है। उनके स्वास्थ्य में तीन किलो की गिरावट दर्ज की गई है। शरीर में भी खासा कमजोरी आ गई है। शुक्रवार को मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनका स्वास्थ्य जांच की। वहीं प्लांट के विरोध में लोगों का धरना 88वें दिन भी जारी रहा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत क्षेत्रीय लोगों की समस्या पर आंख मूंद कर बैठे हुए हैं। निस्तारण केंद्र के कारण जानलेवा बीमारियां फैलती जा रही हैं। जिससे लोगों में डर बना हुआ है। न क्षेत्रीय विधायक, न मुख्यमंत्री और न ही क्षेत्रीय सांसद को लोगों की समस्या की कोई फ्रिक है। भाजपा का सबका साथ, सबका विकास का नारा महज एक जुमला है। प्लांट शिफ्ट नहीं करने पर सीएम आवासा के बाहर धरना देने की चेतावनी दी है।
धरना देने वालों में निरंजन चौहान, शशि कुमार, रविकांत सिंघल, शराफत अली, एके झा, विमला रौथाण, सुशीला सेमवाल, आशा रावत, सुरेंद्र सिंह गुंसाई, खड़क सिं सामंत, बीरा चौहान, नीलम नेगी, पूनम पंवार, नीलम थापा, रीता शर्मा, कुसुम भट्ट, बीना बमराड़ा, अरविंद भट्ट, गुलफान, संदीप भंडारी, सुमाली बिष्ट, सुमित्रा रावत, रेखा भट्ट, अनिल भट्ट, रेवा देवी जुयाल, सोनिया जुयाल, वेदप्रकाश, सुधीर रावत, राहुल कुकरेती, अमित अग्रवाल, राजीव श्रीवास्तव, अमन सेतीया, राजाराम, छाया, शीतल कैन्तुरा, कमला नेगी, नीति पंवार, दीपा जोशी, सुमित्रा सती, नीमा जोशी, मनीष झा, सीएम जोशी, मिट्ठन लाल, निशा दास, संतोष प्रधान, प्रवीण चौधरी, हरेंद्र मलिक आदि मौजूद रहे।