किडनी कांड में रविवार रात पकड़ा गया गंगोत्री चैरिटेबिल अस्पताल का संचालक राजीव चौधरी सोमवार को जेल भेज दिया गया। सोमवार को जब उसे जेल ले जाया गया तो वहां उसने एक ऐसी बात कह दी कि वहां मौजूद हर कोई हंस पड़ा।
पुलिस हिरासत में राजीव चौधरी ने मीडिया के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया। वहीं इतना जरूर कहा कि ‘तमे म्हारा फोटो लेना है तो ले लो’, बाकी तो मैं कोर्ट में ही बताऊंगा। उसकी यह बात सुनकर वहां लोग हंस पड़े।
पुलिस को उसके पास से डॉ.अमित की कार के अलावा कंप्यूटर से जुडे़ सामान के साथ ही ओटी तैयार करने में प्रयुक्त मशीनों के कागजात बरामद हुए हैं। अब पुलिस ने डॉ.अमित के बेटे अक्षय राउत पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। उसकी लोकेशन महाराष्ट्र में मिल रही है। इस मामले में पुलिस अब तक सरगना डॉ.अमित समेत नौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
जानिए कौन है राजीव चौधरी
देहरादून-हरिद्वार मार्ग पर लालतप्पड़ में गंगोत्री चैरिटेबिल अस्पताल की आड़ में गरीबों की किडनी निकालकर अमीरों को बेचने वाले गिरोह पर कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। डॉ.अमित के बाद पुलिस ने रविवार देर रात अस्पताल स्थापित करने वाले राजीव चौधरी निवासी बड़ौत को गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस ने पूछताछ के बाद सोमवार को राजीव चौधरी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक देहात सरिता डोबाल ने बताया कि उसके पास से डॉ.अमित की कार के अलावा कंप्यूटर, राइडर और एक फाइल बरामद हुई है, जिसमें अस्पताल से जुड़े कई दस्तावेजों के साथ मेडिकल रिपोर्ट बरामद हुई है। बड़ौत के मूल निवासी राजीव के पिता बीडीओ थे।
राजीव ने बीएससी कृषि और इकोनोमिक्स में एमए किया था। 1999 में राजीव ने हरिद्वार में भूमिगत केबिल बिछाने का टेंडर लिया था। टेंडर समाप्त होने के बाद उसने प्रॉपर्टी का काम शुरू कर दिया था। इसी बीच रुपये कमाने की चाह में डॉ.अमित के साथ मिलकर लालतप्पड़ में किडनी का काला धंधा शुरू किया। राजीव चौधरी ने उत्तरांचल डेंटल कॉलेज के चेयरमैन से बात कर जुलाई 2016 में गंगोत्री चैरिटेबिल अस्पताल के लिए लालतप्पड़ की बिल्डिंग को लीज पर लिया था।
उधर पुलिस ने अब डॉ.अमित के बेटे अक्षय राउत पर फोकस कर लिया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को महाराष्ट्र भेजा गया है, जहां पर उसके छिपे होने की सूचना है। एसपी देहात ने बताया कि किडनी प्रकरण में चार नामजद लोग अभी फरार हैं, जबकि विवेचना में कुछ और नए नाम सामने आने की उम्मीद है।