19 सितंबर से शुरू होने वाली रणजी ट्रॉफी में पहली बार शामिल हो रही उत्तराखंड की टीम की कप्तानी रजत भाटिया कर सकते हैं। रजत भाटिया मौजूदा दौर में घरेलू क्रिकेट के सबसे प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। उत्तराखंड राज्य संचालन समिति ने रजत भाटिया समेत तीन पेशेवर खिलाड़ियों को रणजी टीम में शामिल करने का निर्णय लिया है। अनुभव और प्रदर्शन के आधार पर रजत भाटिया का दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है।
रजत भाटिया
रजत भाटिया ने वर्ष 2000 में तमिलनाडु की ओर से खेलते हुए अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर की शुरूआत की थी। इसी वर्ष सिंघली स्पोर्ट्स क्लब, कोलंबो के खिलाफ यादगार मैच खेले। 2007-08 में दिल्ली को रणजी ट्रॉफी का खिताब दिलाने में रजत का अहम योगदान रहा। रजत ने 512 रन बनाने के अलावा सात विकेट भी चटकाए थे। आईपीएल के पहले सत्र में दिल्ली डेयर डेविल्स का हिस्सा रहे रजत ने बाद में कोलकाता नाइट राइडर्स, राजस्थान रॉयल्स और पुणे सुपरजाइंट्स के लिए भी खेला। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में रजत करीब 50 के औसत से चार हजार से अधिक रन बनाने के अलावा 29 से अधिक के औसत से 96 विकेट ले चुके हैं।
विनीत सक्सेना
फरवरी 1999 में राजस्थान की टीम से खेलते हुए विनीत सक्सेना ने अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर की शुरूआत की। कुछ समय रेलवे के लिए खेलने के बाद विनीत ने राजस्थान टीम में वापसी की। 2010-11 में राजस्थान को पहली बार रणजी ट्रॉफी खिताब दिलाने में विनीत का अहम योगदान रहा। प्रतियोगिता में उन्होंने 12 पारियों में 51 से अधिक की औसत से 566 रन बनाए। 2011-12 में उनकी शानदार बल्लेबाजी की बदौलत राजस्थान लगातार दूसरी बार चैंपियन बना। विनीत ने 18 पारियों में 52.76 की औसत से 897 रन बनाए हैं।
मलोलन रंगराजन
22 अप्रैल 1989 को जन्मे मलोलन रंगराजन घरेलू क्रिकेट में तमिलनाडु के लिए खेलते हैं। रंगराजन बतौर बॉलिंग आलराउंडर टीम में शामिल हैं। राइट ऑर्म ऑफ ब्रेक गेंदबाजी करने वाले रंगराजन दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। रंगराजन साउथ जोन टीम का हिस्सा भी रहे हैं। 2013-14 दिलीप ट्रॉफी में वेस्ट जोन के खिलाफ रंगराजन ने पांच विकेट चटकाने के अलावा अर्द्धशतक भी जमाया था।