15 नंवबर को राजाजी नेशनल पार्क के द्वार सैलानियों के लिए खोल दिए जाएंगे। इन दिनों चीला रेंज में सैलानियों की आगमन की तैयारी जोर-शोर से चल रही है।
सैलानियों की सफारी के लिए जंगल के बीच से होकर गुजरने वाले रास्तों पर मरम्मत का काम बड़ी तेजी से चल रहा है। पार्क प्रशासन को पिछले साल की अपेक्षा इस बार अधिक पयर्टकों के आने की उम्मीद है।
पयर्टकों के आर्कषण का केंद्र
राजाजी पार्क के हरिद्वार के समीप 14829.8 हेक्टेयर में फैला चीला रेंज हमेशा से ही देशी और विदेशी पयर्टकों के आर्कषण का केंद्र बनी रहती है। यहां हर वर्ष हजारों की सख्या में पयर्टक आते हैं।
पिछले वर्ष चीला रेंज में 16,113 भारतीय पयर्टक और 1,239 विदेशी पयर्टकों समेत कुल 17,352 पयर्टक आए थे। इससे चीला रेंज की कुल मिलाकर 41 लाख 51 हजार 165 रुपये की आय हुई थी।
पशुओं के साथ पक्षियों की 315 प्रजाति
बता दें कि यहां जगल में 36 किमी की सफारी के दौरान पर्यटकों को हाथी, टाइगर, लैपर्ड, ब्राउन भालू, ब्लैक भालू, चीतल, शांभर, लकड़बग्गा आदि पशुओं के साथ पक्षियों की 315 प्रजाति देखने को मिलती हैं।