उत्तराखंड में आई दैवी आपदा का फायदा खनन माफिया उठाने में जुट गए हैं। खबर है कि राजाजी नेशनल पार्क में खनन माफिया इन दिनों आपदा की आड़ लेकर सक्रिय हो गए हैं।
उत्तराख्ांड आपदा की आड़ में राजाजी राष्ट्रीय पार्क में अवैध खनन का खेल चल रहा है। गौहरी गांव को आपदा से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने तटबंधों की मरम्मत के लिए पार्क से आरबीएम (रिवर बैड मैटेरियल) उठाने को निदेशक राजाजी पार्क को 19 जुलाई को पत्र भेजा था।
अब इस पत्र की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है, जिसको लेकर पार्क प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए जिलाधिकारी ने राजाजी पार्क से आरबीएम उठाने के लिए आदेश जारी किया है।
उनकी ओर से सिर्फ एक गांव को बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। इसके लिए सौंग और सुसवा नदी से बड़े पैमाने पर खनन किया जा रहा है। दिन रात ट्रैक्टर टाली, ट्रक लगे हुए है।
रोजाना बड़े वाहनों की निकासी हो रही है, लेकिन उसका कोई लेखा जोखा नहीं किया जा रहा है। उसकी रायल्टी के तौर पर कितनी रकम जमा की जा रही है। पिछले एक सप्ताह से यह सिलसिला चल रहा है, लेकिन पार्क प्रशासन पूरी तरह मूकदर्शक बना हुआ है। पार्क की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
सभी डीएम के लिए आदेश जारी
सभी जिलाधिकारियों के लिए शासन की ओर से एक आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत आपदा कार्य कराने के लिए वे अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए नदियों से खनन सामग्री का उठान करा सकते हैं।
शासन के वन एवं पर्यावरण विभाग की ओर से यह आदेश जारी किया गया है, जिससे आपदा के राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार का व्यवधान पैदा न होने पाए।
इनकी भी सुनिए
'आपदा के कार्य कराने के लिए सशर्त राजाजी से आरबीएम का उठान किया जा सकता है। इसके लिए डीएम सक्षम हैं, लेकिन इसकी आड़ में आरबीएम का अवैध उठान नहीं किया जा सकता। इसे पार्क प्रशासन की ओर से चेक करना चाहिए।'
मनोज चंद्रन, अपर सचिव