जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने सनातन धर्म को बदनाम करने की नियत से साजिश के तहत प्रोपगेंडा करने की बात कही है। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने यह भी कहा कि जो जैसा कर्म करता है, उसे उसका वैसा ही फल भोगना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि कुछ मुट्ठी भर लोग भगवा वस्त्र पहनकर और संत रूप में सन्यासी का स्वांग रच व्यापार कर रहे हैं। उन्होंने लोगों को ऐसे गुरुओं से बचने की नसीहत देते हुए कहा कि पानी पीजिए छानकर, गुरु बनाओ जानकर।
उन्होंने यह भी कहा कि राम रहीम, रामपाल और आसाराम अपने कृत्यों के कारण जेल में हैं। लेकिन हर चीज के दो पहलू होते हैं। सोचने वाली बात यह है कि सनातन धर्म से जुड़े संतों और कथावाचकों के कृत्य ही क्यों बाहर आ रहे हैं।