उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष व उत्तराखंड से राज्य सभा सांसद राज बब्बर ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और उनके बेटे जय शाह की कंपनी में कथित मुनाफे को लेकर प्रधानमंत्री व शाह पर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने इस मामाले को लेकर छह सवाल दागे। कहा अगर वे जवाब नहीं दे सकते तो इस्तीफा तैयार रखें।
उन्होंने कहा कि जय शाह की कंपनी ने 16 हजार गुना मुनाफा कमाया, उसके बाद इसे बंद कर दिया गया। राज बब्बर ने तंज किया कि मुनाफे का ये बेटा मॉडल भाजपा में ही देखने को मिला। ऐसा किसी बिजनेस स्कूल में भी नहीं सिखाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि ऐसा मुनाफा कमाने के लिए विद्यार्थी की पात्रता यह है कि उसके अंकल प्रधानमंत्री हैं और पिता के पास सत्ता की चाबी है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर भी सवाल दागा कि क्या बेटी बचाओ के बाद अब वह बेटा बचाएंगे? राज बब्बर ने अमित शाह के इस्तीफे के साथ कंपनी के मामले की सर्वोच्च न्यायालय के दो न्यायाधीशों से जांच कराने की मांग की।
लंबे समय बाद उत्तराखंड आए राज बब्बर ने कहा कि 2014 में मंदिर बनाने के वादे के साथ भाजपा सत्ता में आई।
भाजपा के लोगों ने मंदिर का निर्माण किया या नहीं लेकिन ‘टेंपल इंटर प्राइजेज’ का निर्माण जरूर कर दिया। स्टार्ट अप के नाम पर कंपनियां शुरू कराईं। साल भर में ये कंपनियां बंद हो गई या मुश्किलें झेल रही हैं। मगर एक होनहार कंपनी टेंपल जिसे वह ‘जय हो कंपनी’ कहेंगे, ने 16 हजार गुना मुनाफा अर्जित किया।
जानिए क्या कहा आगे
उसे बिन मांगे मोती मिलते रहे। सरकार ने मदद की। लेकिन अचानक बेटे जय शाह की इस कंपनी को घाटे में दिखा कर बंद कर दिया गया। उन्होंने व्यंग्य किया कि इस होनहार बच्चे को किसानों को दे दिया जाए ताकि वे आत्महत्या करना छोड़ दें। उन्होंने दावा किया कि जो आंकड़े वह पेश कर रहे हैं, वे रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के हैं। इन आंकड़ों के जरिये उन्होंने कई सवाल दागे।
इस दौरान उन्होंने जय शाह की कंपनी में अमित शाह की मिल्कियत होने का भी दावा किया। राज बब्बर ने केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल की जय शाह का बचाव करने पर आलोचना की। उन्होंने कहा कि क्या जय शाह मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं, जिसकी वजह से एक कैबिनेट मंत्री को उनके बचाव में आना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को यह बताना होगा कि उनकी कैबिनेट का मंत्री किस हैसियत से बचाव में खड़ा हो सकता है। पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह व नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश समेत कई अन्य कांग्रेसजन उपस्थित थे।
राज बब्बर ने दागे ये सवाल
राज बब्बर ने दागे ये सवाल
-16 हजार गुना मुनाफे के बावजूद कंपनी को बंद क्यों हुई?
-अमित जय शाह की कंपनी को विदेश से 51 करोड़ मिले, वह क्या काम करती थी?
-केआईएसएफ नाम की वित्त कंपनी जिसे शेयर बाजार और सेबी ने काली सूची में डाला है, उसने जय शाह की कंपनी को कैसे लोन दे दिया?
-एक अन्य वित्त कंपनी के माध्यम से उसे छह करोड़ 20 लाख की संपत्तियां गिरवी रखकर 25 करोड़ का लोन कैसे दे दिया?
-क्या आरबीआई ने ऐसा कोई नियम बनाया है?
-एक शेयर मार्केट का धंधा करने वाली जय शाह की कंपनी को पवन चक्की लगाने को लोन कैसे दिया गया?
इस्तीफा दें शाह
राजबब्बर ने कहा कि जैन हवाला कांड में नाम आया तो आडवाणी ने इस्तीफा दे दिया। कमैरे में पैसा लेता दिखाए गए तो बंगारू लक्ष्मण को भी पद छोड़ना पड़ा। आरोप लगे तो नितिन गडकरी ने भी इस्तीफा दिया। आज बेटे की कंपनी को लेकर अमित शाह पर सवाल उठे हैं, क्या वह इस्तीफा देंगे। उन्होंने सवाल दागा कि प्रधानमंत्री नैतिक धर्म निभाएंगे या मित्र धर्म में नैतिकता पतन होते देखेंगे।