-राज्य मानवाधिकार आयोग ने मामले की जांच के आदेश दिए
अमर उजाला ब्यरो
देहरादून। नैनीताल के एक सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी ने अपने क्षेत्र में चल रही असामाजिक गतिविधियों के विरुद्ध आवाज उठाई तो उनकी ही जान के लाले पड़ गए। आरोप है कि क्षेत्र में नशे को बढ़ावा देने वाले कुछ असामाजिक तत्वों ने उनको जान से मारने की धमकी दी है। साथ ही स्थानीय पुलिस के एक अधिकारी से मिलकर उनको प्रताड़ित किया है। राज्य मानवाधिकार आयोग ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
पीयूष जोशी ने राज्य मानवाधिकार आयोग के सामने पेश शिकायत में आरोप लगाया है कि शराब सहित अन्य मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री के विरोध में जब उन्होंने आवाज उठाई तो क्षेत्र के असामाजिक तत्व उनके विरोध में खड़े हो गए। एक युद्ध, नशे के विरुद्ध अभियान के अंतर्गत उन्होंने आम जनता को साथ लेकर धरना-प्रदर्शन भी आयोजित किया। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस दौरान एक पुलिस अधिकारी ने उनको बुरी तरह प्रताड़ित किया जिससे उनकी जान तक जा सकती थी। आयोग ने नैनीताल के पुलिस महानिरीक्षक को इस पूरे विवाद की जांच कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।