फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तरकाशी और चमोली में हाईवे का कुछ हिस्सा नदी में समाया, बाधित हुई बदरीनाथ-यमुनोत्री यात्रा

Sat, 27 Jul 2019 08:04 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पीपलकोटी
विज्ञापन
बड़े वाहनों के लिए मार्ग खोलने में लगी जेसीबी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

गढ़वाल हुई बारिश के कारण उत्तरकाशी और चमोली जिले में हाईवे का कुछ हिस्सा बह गया जिससे यमुनोत्री की यात्रा ढाई घंटे और बदरीनाथ की यात्रा आधा घंटे तक बाधित रही। हाईवे बंद होने के कारण 20 वाहन वहां फंस गए और तीर्थयात्री समेत स्थानीय लोग परेशान रहे। वहीं मलबा और पत्थर आने से अभी भी 10 से ज्यादा संपर्क मार्ग बंद पड़े हैं।

विज्ञापन


बदरीनाथ हाईवे पर बिरही में सात मीटर हाईवे अलकनंदा में समा गया। गनीमत यह रही कि जिस वक्त हाईवे बहा उस समय यात्री वाहनों की आवाजाही नहीं हो रही थी। यहां हाईवे अन्य स्थानों पर दरक रहा हैं। आधा घंटे बाद यहां वाहनों की आवाजाही सुचारु हुई, लेकिन बड़े वाहनों की आवाजाही यहां छह घंटे बाधित रही।  हालांकि, एनएचआईडीसीएल ने बड़े वाहनों की आवाजाही तो शुरू करवा दी, लेकिन यहां आवाजाही में खतरा बना हुआ है।

बिहरी में बदरीनाथ हाईवे पर बरसाती पानी के निकासी की उचित व्यवस्था न होने से यहां तालाब जैसी स्थिति बनी रहती है। शुक्रवार रात को हुई बारिश के कारण यहां हाईवे किनारे पानी जम गया था और शनिवार सुबह नौ बजे अचानक हाईवे का करीब सात मीटर हिस्सा भरभराकर अलकनंदा में समा गया, जिससे यहां वाहनों की आवाजाही ठप हो गई।
विज्ञापन


मौके पर पहुंचे एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग बुनियादी ढांचा विकास) और पुलिस प्रशासन की ओर से छोटे वाहनों की आवाजाही तो शुरू करवा दी गई, लेकिन बड़े वाहनों को हाईवे के दोनों ओर रोक दिया गया। एनएचआईडीसीएल ने मशीनों के जरिए हिल साइड पत्थरों को तोड़ा, जिसके बाद अपराह्न तीन बजे से बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू कराई गई, लेकिन नीचे से अलकनंदा और ऊपर से चट्टान होने के कारण वाहनों की आवाजाही में खतरा बना हुआ है। हाईवे का अन्य हिस्सा भी यहां दरक रहा है और सुरक्षा के कोई इंतजाम ही नहीं किए गए हैं। एनएचआईडीसीएल के जीएम आरसी मिश्रा ने बताया कि बरसात के बाद यहां हाईवे चौड़ीकरण कार्य शुरू किया जाएगा। वाहनों की सुरक्षा के लिए यहां पैराफिट लगा दिए गए हैं।

वहीं गोपेश्वर में बदरीनाथ हाईवे पर शनिवार शाम साढ़े पांच बजे चमोली चाड़े के पास एक वाहन अलकनंदा में समा गया। गोपेश्वर-चमोली मार्ग से किसी वाहन के नदी में गिरने की सूचना कुछ लोगों ने चमोली पुलिस को दी है। दुर्घटना स्थल पर वाहन के टायर के निशान और ट्रक के कुछ पार्ट्स व पैराफिट टूटे होने पर पुलिस ट्रक के नदी में समाने का अनुमान लगा रही है।

 

जलस्तर अधिक होने के कारण नदी में कोई वाहन भी नहीं दिखा।। चमोली थाने के थानाध्यक्ष महेश लखेड़ा ने बताया के कुछ लोगों ने किसी वाहन के नदी में गिरने की सूचना दी है। जिसके बाद वे पुलिस टीम के साथ मौके पर गए। दुर्घटनास्थल पर ट्रक के कुछ अवशेष पड़े मिले। वाहन में चालक समेत कितने सवार थे, इसका भी पता नहीं चल पाया। नदी में ढूंढखोज की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया।

बांसबाड़ा में रुक रुक कर गिरते रहे पत्थर 

रुद्रप्रयाग में गौरीकुंड हाईवे पर बांसबाड़ा व भीरी के बीच रुक रुक कर पहाड़ी से पत्थर गिरते रहे। हाईवे पर अधिक मलबा आने से हाईवे करीब दस मिनट तक वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रहा। इसके अलावा चार संपर्क मोटरमार्ग भी बाधित चल रहे हैं।

लगातार हो रही भारी बारिश से शनिवार को बांसबाड़ा के समीप सुबह 8 बजकर 24 मिनट पर पहाड़ी से पत्थर व मलबा गिरने से हाईवे बंद हो गया। इसके बाद एनएच की मशीनों द्वारा त्वरित कार्रवाही करते हुए दस मिनट बाद हाईवे को आवाजाही के लिए खोल दिया गया।

इसके अलावा कोटखाल-जगतोली, कांडई-बैरांगणा-पिपली, रतनपुर-स्वीली-दरमोला व नारी मोटरमार्ग अवरुद्ध होने के चलते वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रहे। जिला मुख्यालय समेत आसपास के हिस्सों में सुबह साढ़े नौ बजे से साढ़े ग्यारह बजे तक झमाझम बारिश होती रही। जबकि केदारनाथ में जोरदार बारिश हुई। 

सड़क का पुस्ता धंसने से यमुना नदी में गिरी पोकलैंड मशीन, ऑपरेटर की मौत

बड़कोट में ऑल वेदर रोड के निर्माण कार्य में जुटी एक पोकलैंड मशीन शनिवार को खरादी पावर हाउस के निकट यमुना नदी में गिर गई। हादसे में मशीन ऑपरेटर की मौके पर ही मौत हो गई। घटना स्थल पर पहुंचे पुलिस व एसडीआरएफ के जवानों ने मृतक का शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर करीब पौने एक बजे यमुनोत्री हाईवे के खरादी पावर हाउस के निकट ऑल वेदर रोड का निर्माण कार्य चल रहा था, लेकिन तभी सड़क का पुस्ता धंसने के कारण एक पोकलैंड मशीन अनियंत्रित होकर करीब 50 मीटर नीचे यमुना नदी में गिर गई। मशीन ऑपरेटर 24 वर्षीय गुरजीत सिंह पुत्र संतोख सिंह निवासी नांगल बंदलेरी, रूपनगर, पंजाब की मौके पर ही मौत हो गई।

सूचना मिलने पर बड़कोट थाना पुलिस व एसडीआरएफ के जवान घटनास्थल पर पहुंचे। रेस्क्यू अभियान चलाकर उन्होंने नदी से मशीन ऑपरेटर को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए नौगांव चिकित्सालय भेज दिया गया है। इस बीच घटना के चलते यमुनोत्री हाईवे भी बाधित हो गया। जिसे मौके पर मौजूद एनएच कर्मियों ने करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद सुचारू किया।

बड़कोट थानाध्यक्ष डीएस कोहली ने बताया कि प्राथमिक जांच के अनुसार पोकलैंड मशीन सड़क का पुस्ता धंसने के कारण गिरी थी। मृतक ऑपरेटर का शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना के कारण यमुनोत्री हाईवे भी कुछ घंटे के लिए बाधित हुआ था। जिसे सुचारू कर दिया गया है।

तेज बारिश से तेवा गांव में कीचन ढही

टिहरी के थत्यूड़ में शुक्रवार रात को हुई तेज बारिश से जौनपुर ब्लॉक के तेवा गांव में एक मकान की रसोई ढह गई और खाद्य सामग्री दबकर नष्ट हो गई। गनीमत यह रही कि उस वक्त परिवार का कोई भी सदस्य रसोईघर में नहीं था। रात 8.30 बजे क्षेत्र में हुई तेज बारिश से तेवा गांव निवासी दिनेश प्रसाद उनियाल की रसोई ढह गई। परिवार के अन्य सदस्य दूसरे कमरे में होने के कारण बड़ी दुर्घटना होने से बच गई।

शनिवार को राजस्व निरीक्षक भीमदत्त उनियाल ने तेवा गांव पहुंचकर नुकसान का निरीक्षण किया। राजस्व निरीक्षक ने बताया कि नुकसान की रिपोर्ट धनोल्टी तहसीलदार को भेज दी गई है। पूर्व प्रधान भगत सिंह रावत, लाखी सिंह परमार ने प्रशासन से प्रभावित परिवार को शीघ्र मुआवजा राशि देने की मांग की।

गोशाला ढहने से दो मवेशियों की मौत
नौगांव में मूसलाधार बारिश से नौगांव गोडर गांव में एक गोशाला ढहने से इसमें बंधे दो मवेशियों की मलबे में दबने से मौत हो गई। नौगांव गोडर निवासी प्रेम सिंह की गांव के पास ही गोशाला है। वह रात को मवेशियों को गोशाला में बांध कर घर लौट आया था। रात को हुई मूसलाधार बारिश से गोशाला के पीछे की दीवार ढह गई। दीवार के मलबे में दबने के कारण यहां बंधी एक गाय और एक बैल की मौत हो गई। गांव के पूर्व प्रधान शूरवीर चौहान ने प्रशासन से पीड़ित को आर्थिक सहायता मुहैया कराने की मांग की। राजस्व उपनिरीक्षक खजान असवाल ने बताया कि घटना स्थल का मुआयना कर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेज दी गई है।

मकान की छत पर गिरा चीड़ का पेड़

जखोली में विकासखंड के ग्राम पंचायत भटवाड़ी के खोबली तोक निवासी राजेश लाल के घर की छत पर शुक्रवार देर रात्रि को एक चीड़ का पेड़ गिर गया। इस दौरान परिवार के लोग सोए हुए थे। पेड़ गिरने से छत को व्यापक क्षति पहुंची है। पीड़ित ने बताया कि देर रात्रि करीब दो बजे घर के पीछे भारी भरकम चीड़ का पेड़ जड़ सहित उखड़कर उनके मकान की छत पर जा गिरा। तेज आवाज सुनकर गहरी नींद में सो रहे सभी लोग उठे और डर से चिल्लाते हुए घर से बाहर आए। उन्होंने बताया कि मकान की छत कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। साथ ही दरार पड़ चुकी है। उन्होंने राजस्व विभाग से क्षति का आकलन करने की मांग की है।

कर्णप्रयाग में सड़क बनी तालाब, थराली में उखड़ा डामर 
बारिश के कारण कर्णप्रयाग की सड़कों पर कई जगहों पर पानी के तालाब बन गये हैं। इससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नगर के सुभानगर में सड़क पर शनिवार को पानी भर गया। जिससे स्थानीय लोगों सहित स्कूली छात्र-छात्राओं को आवाजाही करने में परेशानी हुई। केपी सती, अनिल डिमरी, उमेश खंडूड़ी, दीपक कुमेड़ी आदि ने कहा कि पिछले साल प्रभावित स्थान पर डामरीकरण हुआ था, लेकिन जरा सी बारिश में वह उखड़ गया।

वहीं पिंडरघाटी के मोटर मार्ग दल-दल मे तब्दील होने से वाहन चालकों और राहगीरों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को सुबह हुई बारिश से थराली-उणी मोटर मार्ग दो घंटे बाधित रहा। तथा राड़ीबगड़ के मलबा आने से एक घंटे तक वाहनों के पहिए थम गए। वहीं विगत माह थराली-देवाल के मध्य जंगलों मे लगी आग से कमजोर हो चुकी चट्टानें भी बारिश से क्षतिग्रस्त हो रही हैं। जिससे लोग जान जोखिम मे डालकर आवाजाही के लिए विवश हैं। लोनिवि के अधिशाषी अभियंता जगदीश सिंह रावत ने बताया कि बारिश से सड़कों मे आ रहे मलबे को जेसीबी मशीन की सहायता से हटाया जा रहा है।
विज्ञापन

मूसलाधार बारिश से जहां-तहां सड़कें फिर बंद

लगातार हो रही बारिश से एक बार फिर जहां-तहां सड़कें बंद हो गईं हैं। नदी-नाले उफान पर हैं। मदकोट (पिथौरागढ़) के खड़तोली गांव में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से सुंदर सिंह महरा (23) पुत्र मोहन सिंह महरा की मौत हो गई। वह बकरियां चराने जंगल गया था।

डीडीहाट-दूनाकोट मार्ग शनिवार को तीसरे दिन भी नहीं खुला। शनिवार को पिथौरागढ़-धारचूला सड़क गुड़ौली और पलेटा में बंद रही। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर साढ़े तीन घंटे आवाजाही ठप रही। करीब 7.45 बजे से बंद सड़क 11 बजे बाद सुचारु हो सकी। धौन, स्वांला, अमोड़ी, बेलखेत, टिपनटॉप और अमरूबैंड में आए भारी मलबे से वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा। पहाड़ी मार्ग को आने वाले वाहनों को टनकपुर ककरालीगेट बैरियर पर रोक दिया गया। टनकपुर में किरोड़ा और बाटनागाड़ में पांच घंटे पूर्णागिरि मार्ग बंद रहा।

दोनों ओर यात्री और कई स्कूली बच्चे छात्र फंसे रहे। क्यूआरटी ने अपने वाहनों से विद्यार्थियों को नाला पार कराया। शनिवार की सुबह 9 बजे मलबा आने से भीमताल-हल्द्वानी मोटर मार्ग सलड़ी के पास आधे घंटे बंद रहा। ओखलकांडा के काफली गधेरे के पास मलबा आने से खनस्यू-पतलोट मोटर मार्ग चार घंटे बंद रहा। अल्मोड़ा में ताड़ीखेत-ऊनी और बमनस्यू-खुश्यालकोट ग्रामीण मार्ग कुछ देर के लिए बंद हुआ था, जिन्हें बाद में खोल दिया गया। धारचूला में महाकाली नदी, जौलजीबी में गोरी नदी, चमगाड़ में सरयू उफान पर हैं सभी नदियां खतरे के निशान के आसपास बह रही हैं। 

रानीखेत में शुक्रवार देर रात सुभाष चौक के पास बीडी कांप्लेक्स की दुकानों की छत पर विशालकाय बांज का पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गया, जिससे छत को नुकसान पहुंचा है। चौखुटिया (अल्मोड़ा) के खनूली गांव में दो मंजिले मकान की छत टूट गई है। सारा सामान मलबे में दब गया है। हादसे के वक्त घर की मालकिन वहां नहीं थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें