कोटद्वार में कुछ ऐसे हैं हालात
- फोटो : amar ujala
तहसील कोटद्वार के जमरगड्डी ग्राम पंचायत के जमरगड्डी मल्ली में अतिवृष्टि से सात ग्रामीणों के आवासीय भवन क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को हुई क्षति का जायजा लेने राजस्व उप निरीक्षक संगीता राज मौके पर पहुंच गई है। जमरगड्डी मल्ली में राजकुमारी देवी पत्नी स्व कृपाल सिंह, विमला देवी पत्नी स्व कुंवर सिंह के आवासीय भवनों में अतिवृष्टि से मलबा भर गया। जमरगड्डी तल्ली के समोद्रा देवी, सोहन सिंह, यशपाल सिंह, दिनेश सिंह, विनोद सिंह के आवासीय भवनों में भूधंसाव से दरार पड़ गई है। प्रभावित ग्रामीणों ने उनके पुनर्वास की मांग उठाई है।
थराली बाजार का अस्तित्व खतरे में आ गया है। यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नीचे भूस्खलन होने से पेड़ और मलबा बाजार में गिर गया है। सीएचसी थराली का भवन पूरी तरह खतरे की जद में हैं। यदी भवन की विशाल बिल्डिंग गिर गई तो मुख्य बाजार जमींदोज हो सकता है। वहीं राड़ीबागड़ से थराली बाजार तक कई जगह पुस्ते टूटने और मलबा आने से आवागमन बंद है। यहां स्कूलों में अवकाश रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बारिश के बाद डेंगू का प्रकोप बढ़ सकता है। हालांकि डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी सुभाष जोशी के मुताबिक दो तीन के अंतराल पर हो रही तेज बारिश के कारण पिछले साल की तुलना में इस बार डेंगू का प्रभाव न के बराबर है। बारिश के चलते नदी, नाले, नालियों में पनप रहे डेंगू व मलेरिया के लार्वा पानी में बह जा रहे हैं। इससे लार्वा के पनपने का अवसर नहीं मिल रहा है। बारिश के थमने के बाद डेंगू व मलेरिया के लार्वा को पनपने का अनुकूल मौसम मिलेगा, लेकिन इस अवस्था से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम की ओर से एहतियाती कदम अभी उठाए जा रहे हैं। डेंगू संभावित इलाकों में फागिंग कराने के साथ ही एंटी लार्वा स्प्रे कराया जा रहा है।
जागरूकता के लिए आशा कार्यकर्त्रियों को दी जिम्मेदारी
डेंगू फैलने न पाए इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से आशा कार्यकर्त्रियों को सचेत कर दिया गया है। इसके तहत आशा कार्यकर्त्रियां घर घर जाकर लोगों को डेंगू से बचाव की जानकारी दे रही हैं। इसके अलावा जलजमाव और डेंगू का लार्वा पनपने के संभावना वाले इलाकों को चिह्नित कर रही हैं।