रविवार को उत्तराखंड में मौसम बदलने से केदारनाथ में 5 घंटे से अधिक समय तक बर्फबारी हुई, जबकि रुद्रप्रयाग जिले के निचले इलाकों में जमकर बारिश हुई। दिनभर मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा।
दो दिन की चटख धूप के बाद रविवार सुबह मौसम का मिजाज बिगड गया। धाम में तड़के से हल्की बारिश के साथ दोपहर दो बजे तक बर्फबारी जारी रही। इस दौरान करीब 6 से 8 इंच नई बर्फ धाम में जम गई है। यहां पहले से करीब 8 फीट बर्फ जमा है।
खराब मौसम के कारण दोपहर तक पुनर्निर्माण कार्य भी प्रभावित रहा। दूसरी तरफ जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग में भी तड़के से ही आसमान घने बादलों से घिरा रहा। प्रात: 9.30 बजे के करीब काले घने बादलों के घिरने से घना अंधेरा सा हो गया, जिससे वाहन चालकों को वाहनों की लाइट जलानी पड़ी।
राहगीरों ने जहां बाजार में दुकानों व होटलों की ओट ले ली वहीं घरों में लोगों ने दरवाजे/खिड़की बंद कर दिए। इसके बाद तेज बारिश शुरू हुई, जो सवा घंटे तक रही। बरसात के बाद कुछ देर के लिए मौसम में सुधार देखने को मिला, लेकिन दोपहर दो बजे के बाद फिर से आसमान में काले घने बादल घिर गए थे, जिससे रुक-रुककर हल्की बूंदाबांदी होती रही।
जिले के अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में दिनभर कभी रिमझिम बारिश तो कभी बूंदाबांदी होती रही, जिससे ठंड बढ़ गई है। रविवार को केदारनाथ में अधिकतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम माइनस 1.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जबकि बीते शनिवार को यहां पारा 10 और 2 डिग्री सेल्सियस था। इसी तरह जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग में अधिकतम तापमान 23.3 और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो शनिवार को 26 और 13 डिग्री सेल्सियस था।
गोपेश्वर में तड़के से ही जिले के निचले क्षेत्रों में बारिश हुई और ऊपरी क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। 28 मार्च को गोपेश्वर का अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम तापमान 17 था और रविवार को पारा गिरकर अधिकतम 16, न्यूनतम 13 रहा। निचले क्षेत्रों में करीब एक घंटे तक ओलावृष्टि भी हुई।
बारिश, बर्फबारी से बदरीनाथ हाईवे पर ग्लेशियर और बर्फ हटाने का कार्य भी प्रभावित हुआ। बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, लाल माटी, औली, गोरसों बुग्याल में बर्फबारी हुई।