इसमें देश और दुनिया के नामी उद्यमियों के शामिल होने की संभावना है। यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान समेत कई प्रांतों के निवेशक देहरादून पहुंचेंगे। निवेशकों को सड़क और हवाई यात्रा से देहरादून तक पहुंचने में किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े, इसके लिए दून और उसके आसपास की सड़कों को गड्ढामुक्त बनाया जा रहा है।
लेकिन सरकार की सबसे बड़ी चिंता की वजह हरिद्वार-देहरादून नेशनल हाईवे है, जिस पर चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। मोहकमपुर रेलवे क्रांसिंग के पास आरओबी का काम चलने की वजह से जाम की सबसे बड़ी समस्या है।
यहां अकसर घंटों जाम की नौबत आ जाती है। लंबे समय से चल रहे करीब 43 करोड़ लागत के इस आरओबी प्रोजेक्ट के निर्माण में पिछले कुछ माह से काफी तेजी है। इसे चार अक्तूबर तक जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
मोहकमपुर में जाम की समस्या से निपटने के लिए रेलवे ओवर ब्रिज के काम ने तेजी पकड़ ली है। आरओबी बनाने का काम तकरीबन पूरा हो चुका है और अब उसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। मुख्य अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग हरिओम शर्मा ने पुष्टि की कि चार अक्तूबर तक आरओबी तैयार कर आम जन के लिए खोल दिया जाएगा। आरओबी खुलने के बाद प्रोजेक्ट की सर्विस रोड की मरम्मत का काम शुरू होगा। शर्मा के मुताबिक, आरओबी खुलने से ट्रैफिक का दबाव कम हो जाएगा, जिससे सर्विस रोड पर मरम्मत कार्य में आसानी हो सकेगी।
डबल लेन टनल खुलने से भी मिलेगी राहत
देहरादून-सहारनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के बीच डाटकाली मंदिर के पास जाम की समस्या से भी अब छुटकारा मिलेगा। सरकार इनवेस्टर मीट से पहले नव निर्मित डबल लेन टनल को खोलने जा रही है। करीब 57 करोड़ लागत की इस टनल के खुल जाने से राजमार्ग पर यात्रा काफी सुगम हो जाएगी। करीब 300 मीटर लंबी यह प्रदेश की पहली डबल लेन सुरंग है। टनल को इस तरह से डिजाइन किया गया है, उसमें बारिश का पानी न पहुंचे।