उत्तराखंड में अलग रेलवे मंडल बनाने के अमर उजाला के अभियान का उद्यमी, शिक्षाविद् और प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञ भी समर्थन कर रहे हैं।
उनका कहना है कि रेलवे मंडल के बनने से रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी होगी। पहाड़ की योजनाओं की तरफ भी रेलवे का ध्यान जाएगा। साथ ही, उत्तराखंड में बनने वाली रेलवे की विभिन्न योजनाओं का विस्तार भी होगा।
अमर उजाला ने बड़े इश्यू को उठाया है। यहां रेलवे मंडल बनने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को तो बल मिलेगा ही, साथ में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। स्थानीय सेवाओं और उत्पादों की मांग बढ़ेगी। मंडल मुख्यालय बनने पर रेलवे संबंधी तमाम निर्णय तेजी लाई जा सकेगी। फैसले उत्तराखंड केंद्रित होंगे और रेलवे का ध्यान पहाड़ की ओर जाएगा। रेलवे लाइन के विस्तार का काम भी तेजी से होगा। पहाड़ की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। 2017 विधानसभा चुनाव से पहले यह भी चुनावी मुद्दा होना चाहिए।
- पंकज शाह, प्रबंधन और वित्त विशेषज्ञ
केंद्र को उत्तराखंड में जल्द रेल मंडल बनाना चाहिए। यह बहुआयामी विकास का आधार बनेगा। रेलवे उत्तराखंड केंद्रित नीतियां बना सकेगा और क्रियान्वयन का काम आसान हो जाएगा। उत्तराखंड में रेलवे लाइनों का विस्तार होना चाहिए, लेकिन विकेंद्रित नीतियों के कारण यह नहीं हो पा रहा है।
- उपेंद्र अरोड़ा, उद्यमी और प्रकाशक
अमर उजाला ने यह अभियान चलाकर केंद्र सरकार को जगाने का काम किया है। रेलवे मंडल की स्थापना होने से हमारी अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।
- डॉ. अश्वनी कुमार कांबोज, चेयरमैन, उत्तरांचल आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज