केंद्र सरकार ने रेलवे सुविधाओं के लिहाज से उत्तराखंड के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चला रखी हैं। इनमें चार धाम तक रेलवे लाइन, उत्तराखंड के तमाम स्टेशनों का आधुनिकीकरण, कई स्पेशल और सुपरफास्ट ट्रेनों का संचालन आदि शामिल हैं।
इन योजनाओं और परियोजनाओं से प्रदेश को भविष्य में कई सुखद परिणाम देखने को मिलेंगे। एक फरवरी को केंद्रीय बजट के साथ रेल बजट भी पेश होगा। इसको लेकर उत्तराखंडवासियों को काफी उम्मीदें हैं। इस कड़ी में अमर उजाला एक सीरीज प्रस्तुत कर रहा है। पहली कड़ी में हम रेलवे बजट से व्यापारियों और कारोबारियों से जड़ी बातें प्रकाशित कर रहे हैं।
केंद्र सरकार के आगामी रेल बजट में जहां यात्रियों को किराये में कमी के साथ ही यात्री सुविधाओं को और अधिक विकसित किए जाने की उम्मीद है। वहीं, ट्रेनों के जरिए सामान भेजने वाले कारोबारियों का मानना है कि माल भाड़े में भी कमी लाने की जरूरत है।
कारोबारियों का कहना है कि रेल बजट में ट्रेेन में सामान चढ़ाने और उतारने की प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए प्रावधान किया जाना चाहिए। रेल बजट को लेकर जब अमर उजाला ने कुछ कारोबारियों से प्रतिक्रिया जानी तो उन्होंने कुछ इस अंदाज में अपनी प्रतिक्रियाएं दीं...
कोरोना संकट के चलते आर्थिक तंगी झेल रहे कारोबारियों की समस्याओं को देखते हुए सरकार, रेल मंत्रालय को रेल बजट में यात्री किराये के साथ ही माल भाड़े में भी कमी लाने का प्रावधान करना चाहिए। माल भाड़ा निजी ट्रांसपोर्ट कंपनियों से कम हो, जिससे कारोबारी ट्रेनों से अधिक सामान भेजें। यह सुनिश्चित कराया जाए कि कारोबारियों द्वारा ट्रेनों के जरिए भेजे गए सामान को निश्चित समय सीमा के भीतर पहुंचाया जाए। ताकि, उन्हें नुकसान न उठाना पड़े।
- जोगेंद्र सहगल, कारोबारी
माल भाड़े में कमी के साथ ही सामान की बुकिंग प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाना चाहिए। सामान ट्रेेन में चढ़ाने और उतारने की प्रक्रिया को भी सरल बनाने की जरूरत है। कारोबारियों को चालान पर ही सामान की डिलीवरी की सुविधा मिलनी चाहिए। यह सुनिश्चित कराया जाए कि बुकिंग काउंटर देर रात तक खुले रहें। ताकि, कारोबारियों को सामान भेजने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। यदि सामान की मात्रा अधिक है तो कारोबारियों को तत्काल अतिरिक्त वैगन की सुविधा मुहैया कराई जानी चाहिए।
-सुरेश कुमार, कारोबारी
कोरोना के चलते आर्थिक संकट का सामना कर रहे कारोबारियों को माल भाड़े में छूट के साथ ही अन्य सुविधाएं देने की जरूरत है। यह सुनिश्चित कराया जाए कि कारोबारियों द्वारा भेजे गए सामान को निर्धारित समय में गंतव्य तक पहुंचाया जाए। ताकि, कारोबारियाें को किसी प्रकार का आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े। देश के प्रमुख बड़े शहरों में सीधे तौर पर सामान भेजने की सुविधा कारोबारियों को मिले।
- अनुपम, कारोबारी
रेल बजट में माल भाड़े में कमी के साथ ही देश के प्रमुख स्टेशनों से कनेक्टिविटी की सुविधा मुहैया कराए जाने की जरूरत है। रेल बजट में किसी भी प्रकार का किराया न बढ़े, सरकार और रेल मंत्रालय को इस दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए। कारोबारियों द्वारा ट्रेनों के जरिए भेजे जाने वाला सामान जल्द से जल्द पहुंचे। इसे लेकर रेल मंत्रालय, रेलवे बोर्ड को ठोस नीति बनानी चाहिए।
- अनुपम सिंह, कारोबारी