तीन दिन बाद केंद्र सरकार रेल बजट पेश करने जा रही है। इस बजट से हर किसी को उम्मीदें हैं। दून रेलवे स्टेशन पर 18 साल पहले स्थापित एक शिलापट्ट को भी इस बजट का इंतजार है।
इस शिलापट्ट को आशा है कि इस बार उसके भी दिन बहुरेंगे, क्योंकि उसे स्थापित करने वाला नेता अब उस पार्टी में है जो केंद्र में सत्ता में है।
इसलिए वह नेता अपने सपने को साकार करने के लिए उसके इंतजार को जरूर खत्म कराएगा।
कई रेल मंत्री आए और चले गए
कर्णप्रयाग तक रेल लाइन पहुंचाने के दावे की हकीकत दून रेलवे स्टेशन पर पार्सल दफ्तर के पास 18 साल पहले लगाए गए इस शिलापट्ट से बयां हो जाती है।
कांग्रेस सरकार में रेल राज्य मंत्री रहे सतपाल महाराज ने 14 दिसंबर 1996 को दून रेलवे स्टेशन पर देहरादून से सहारनपुर के लिए रेल लाइन बिछाने के सर्वेक्षण कार्य का शिलान्यास किया था।
इस ट्रैक से देहरादून से वाया विकासनगर होते हुए सहारनपुर के लिए ट्रेन पहुंचाने की योजना थी।
विकासनगर तक रेल पहुंचने पर हिमाचल प्रदेश को भी रेल मार्ग से उत्तराखंड को जोड़ने का दावा किया गया था। लेकिन पिछले 18 सालों से दावे हकीकत बनने का ही इंतजार कर रहे हैं।
करीब दो दशक में कई सरकारें आईं और चली गईं। कई रेल मंत्री आए और चले गए लेकिन दून-विकासनगर-सहारनपुर ट्रैक के लिए शिलापट्ट लगाने के अलावा कुछ भी नहीं किया गया।
इस लाइन के लिए बजट तक का प्रावधान नहीं
पिछले रेल बजटों में इस लाइन के लिए बजट तक का प्रावधान नहीं किया गया। इस ट्रैक के सर्वे के लिए शिलापट्ट लगाने वाले सतपाल महाराज अब भाजपा में हैं।
इस बार केंद्र में भाजपा की सरकार है और उसका पहला रेल बजट आने वाला है। उम्मीद है कि अपने एक सपने को साकार करने के लिए महाराज कुछ करेंगे।
बिना बजट सब बेकार
पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री सतपाल महाराज के साथ देहरादून में रेलवे संबंधी मामले देखने वाले कांग्रेस के पूर्व पार्षद अनूप कपूर कहते हैं कि जब तक बजट नहीं मिलेगा, यह सपना सच होने वाला नहीं है।
उत्तर रेलवे मैंस यूनियन (नरमू) के ब्रांच सेक्रेटरी उग्रसेन सिंह भी इस रेलवे लाइन के लिए रेलमंत्री से बजट में प्रावधान की मांग की है।