मिलावटखोरी को लेकर जिला प्रशासन सतर्क है। डीएम के निर्देश पर चलाए गए अभियान में 73 दुकानों में छापेमारी कर नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए। वहीं, मिलावटी रंगों को लेकर भी रैंडम सैंपल लिए गए।
त्योहार के समय दूध, पनीर, दही आदि की मांग बढ़ने से मिलावटखोरी भी बढ़ जाती है। जिलाधिकारी सोनिका ने सभी एसडीएम को आदेश देकर मिलावट पर लगाम लगाने के निर्देश दिए थे। ताकि, होली पर मिलावटी खाद्य पदार्थों से कोई नुकसान न हो। पिछले एक सप्ताह में खाद्य विभाग की टीम 73 सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेज चुकी है।
दूध में मिलावट की ऐसे करें पहचान
स्पेक्स संस्था के सचिव डॉ. बृजमोहन शर्मा के अनुसार दूध में पानी मिलाने पर अगर झाग आ जाता है तो दूध में डिटर्जेंट मिला हुआ है। दूध को हाथों में रगड़ें, अगर दूध साबुन की तरह चिकना लगे तो यह सिंथेटिक दूध हो सकता है। अगर दूध गरम करने पर हल्का पीला हो जाए तो उस दूध की कुछ बूंदों को किसी प्लास्टिक या प्लेन प्लेट पर डालें, अगर दूध की बूंद सफेद लकीर छोड़ते हुए धीरे-धीरे बह रही है तो इसका मतलब दूध में पानी की मिलावट नहीं की गई है। अगर दूध की बूंद सफेद निशान न छोड़े तो पानी की मिलावट है।