आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण औषधियां उपलब्ध कराने और मेडिकल स्टोरों में औषधि विक्रय से जुड़े वैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने मसूरी के विभिन्न मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई मेडिकल स्टोरों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। टीम ने नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कुछ स्टोरों को तत्काल बंद कराते हुए दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी। संबंधित संचालकों को नोटिस का जवाब देने और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए।
जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष हरीश कुमार गोयल के निर्देश पर सेफ ड्रग्स : सेफ लाइफ अभियान के तहत की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा हुंगराकोटी के नेतृत्व में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मानेन्द्र सिंह राणा और औषधि निरीक्षक विनोद जगूड़ी ने जांच पड़ताल की।
टीम ने हैमर्स मेडिकोज में निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट अनुपस्थित पाया। स्टोर में अन्य दवाइयों के साथ एक्सपायर दवाइयां भी रखी मिलीं। सीसीटीवी कैमरे भी नहीं मिले। अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए टीम ने स्टोर में दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी और संचालक को नोटिस का जवाब देने के निर्देश दिए।
पायनियर मेडिकल स्टोर में निरीक्षण के दौरान एक्सपायर दवाइयों के रख-रखाव की व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। अग्रवाल मेडिकोज में भी फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिली। इसके अलावा बिक्री के लिए रखी दवाइयों के साथ कई एक्सपायर दवाइयां भी पाई गईं। गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए निरीक्षण टीम ने स्टोर को बंद करा दिया और दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी।
ऑप्टिशियन मेडिकल स्टोर में भी फार्मासिस्ट अनुपस्थित थी। स्टोर में एक्सपायर दवाइयों का रख-रखाव भी व्यवस्थित नहीं पाया गया। फ्रिज खराब मिला। अनियमितताओं को देखते हुए टीम ने स्टोर को बंद करा दिया और दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी।
ए. जेम्स एंड कंपनी मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट और स्टोर मालिक मौजूद मिले। लाइसेंस मांगे जाने पर संचालक लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में पता चला कि स्टोर का लाइसेंस एक्सपायर हो चुका है। स्टोर के रैक में एक्सपायर दवाइयां अन्य दवाइयों के साथ रखी हुईं थीं। दवाइयों के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड भी व्यवस्थित नहीं पाया गया। निरीक्षण टीम ने व्यवस्थाएं और वैधानिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही इसे दोबारा खोलने की बात कही और दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि प्राधिकरण जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर लगातार निगरानी और जागरूकता के लिए कार्य कर रहा है। आने वाले समय में भी इस प्रकार के निरीक्षण और जागरूकता अभियान जारी रखे जाएंगे।