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पलायन पर बोले आर्मी चीफ बिपिन रावत, चीन सीमा पर सड़क व संचार नेटवर्क बढ़ाएगी सेना

Mon, 04 Nov 2019 08:41 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टिहरी
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रैबार - फोटो : अमर उजाला
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थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने कहा कि उत्तराखंड में चीन सीमा से सटे इलाकों में सेना स्थानीय ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही अपने मूवमेंट के लिए हर संभव कार्य कर रही है।

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सीमावर्ती इलाकों में एयर कनेक्टिविटी, सड़क और संचार नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए भारतीय सेना उत्तराखंड सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है।

 सेना प्रमुख रविवार को राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में टिहरी झील किनारे कोटी कालोनी में आयोजित ‘रैबार-2 आवा आपणु घौर’ सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने देश को सबसे ज्यादा रणबांकुरे दिए हैं।

यहां तकरीबन हर घर में एक सैनिक है। देश की रक्षा में उत्तराखंड के वीर सैनिकों का अहम योगदान रहा है। 1962 से लेकर आज कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को नाकाम करने में उत्तराखंड के वीर सैनिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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सैनिकों की समस्याएं भी प्राथमिकता से हल की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऑल वेदर रोड परियोजना का काम पूरा होने से सेना को भी ताकत मिलेगी। सेना अपने सैन्य उपकरण और अन्य संसाधनों को आसानी से बार्डर इलाकों में पहुंचा सकेगी। 

पेंशन व पीएफ के लिए इस वर्ष 3000 करोड़ देगी यूपी सरकार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 17 साल से उत्तराखंड और यूपी के कई मुद्दे उलझे हुए थे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की पैरवी के चलते अधिकांश परिसंपत्तियों के मुद्दे सुलझ गए हैं। उत्तराखंड के कर्मचारियों की पेंशन और पीएफ के लिए यूपी ने गत वर्ष 23 सौ करोड़ दिए थे।

इस वर्ष भी तीन हजार करोड़ यूपी सरकार देगी। इसी प्रकार सिंचाई विभाग का 398 करोड़ भी यूपी सिंचाई विभाग देने पर सहमत हो गया है। वन विकास निगम को 99 करोड़, खाद्य विभाग को 105 करोड़, ऊर्जा निगम को 174 करोड़ के भुगतान पर यूपी सरकार ने सहमति दे दी है। 

उत्तराखंड के चौमुखी विकास में योगदान दें प्रवासी
सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और थल सेनाध्यक्ष जनरल विपिन रावत ने राज्य के प्रवासियों से उत्तराखंड के चौमुखी विकास के लिए अपना योगदान देने का आह्वान किया।

कहा कि उत्तराखंड में हर्बल, विंड और सोलर स्टेट बनने की अपार संभावनाएं है, बशर्ते इसके लिए सभी लोग सच्चे मन से कार्य करें। उत्तराखंड ने सेना, पर्यावरण और सामाजिक क्षेत्र में देश-दुनिया को महान हस्तियां दी है। अब उत्तराखंड को विकास के नए पथ पर ले जाने का समय आ गया है।

डल झील से भी खूबसूरत है टिहरी झील- योगी आदित्यनाथ

यूपी के  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टिहरी झील किनारे कोटी कालोनी साहसिक खेल अकादमी में रैबार-2 सम्मेलन का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि टिहरी झील कश्मीर की डल झील से भी बहुत खूबसूरत है।

यदि टिहरी झील की सही तरीके से ब्रांडिंग की जाए तो लाखों लोगों को पर्यटन से स्वरोजगार दिया जा सकता है। पर्यटन के साथ फिल्म शूटिंग, ईको टूरिज्म, हेरिटेज टूरिज्म, वाइल्ड लाइफ, सोलर व विंड एनर्जी और बागवानी की उत्तराखंड में असीम संभावनाएं हैं।

हर्बल के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ है। उन्होंने रिटायर्ड अधिकारियों से अपील की कि वे उत्तराखंड के गांवों में ही बसें। कहा कि जननी और जन्मभूमि का कोई विकल्प नहीं हो सकता है। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्गों पर मद्यपान और मांस का बिक्री पूरी तरह बंद किए जाने की वकालत की।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उनकी सरकार ने भ्रष्टाचार पर ढाई साल में करारा प्रहार किया है। 200 से ज्यादा फिल्म और टीवी सीरियल की शूटिंग उत्तराखंड में हो रही है। उन्होंने प्रवासियों से उत्तराखंड में अधिक से अधिक निवेश करने की अपील की है।

सम्मेलन में कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत, डीजी कोस्टगार्ड राजेंद्र सिंह, पूर्व डीजीएमओ लेफ्टिनेंट अनिल भट्ट, पूर्व रॉ चीफ अलोक जोशी, विधायक विजय पंवार, धन सिंह नेगी, विनोद कंडारी, पलायन आयोग के अध्यक्ष एएस नेगी, राघव जुयाल, एएस रावत, एनआईएम के प्रधानाचार्य अमित बिष्ट,, एयर मार्शल महेंद्र बुटोला, निदेशक हिंदुस्तान ऍरोनॉटिक्स बीएस चमोला, कृषि वैज्ञानिक डा. मनमोहन सिंह, एफटीआई के निदेशक भूपेंद्र कैंथोला, ओएनजीसी के सेवानिवृत्त अधिकारी एसएस नेगी, सचिव अमित नेगी, रमा उप्रेती, सीमा नेगी, डीआईजी अजय रौतेला आदि उपस्थित रहे।
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पीरूल बनेगा वरदान : त्रिवेंद्र सिंह रावत

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जिस पीरूल को अभिशाप माना जाता था, उसे सरकार ने वरदान में बदला है। पीरूल से कोयला, बिजली और फ्यूल बनाया जा रहा है। प्रदेश के 23 लाख मीट्रिक टन भूभाग पर चीड़ है। 18 हजार करोड़ के टेंडर इस संबंध में अवार्ड किए गए हैं।

एक लाख लोगों को चीड़ के उद्योग से रोजगार मिलेगा। भांग के रेसे से उच्च किस्म का कपड़ा बनता है। इसकी कीमत बाजार में लाखों रुपये है। आज वह जो सदरी, कुर्ता और पायजामा पहनकर आए हैं, वह भांग के रेसे से बने हुए है। उत्तराखंड के गांवों में भांग की खेती कर हर व्यक्ति अपनी आर्थिकी को बढ़ा सकता है। यदि कोई भांग की खेती करना चाहता है तो सरकार उसे बीज उपलब्ध कराएगी।

सैनिक आश्रितों को किया सम्मानित
रैबार-2 आवा आपणु घौर सम्मेलन में थल सेनाध्यक्ष जनरल विपिन रावत, यूपी सीएम योगी आदित्यानाथ और उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 30 शहीद सैनिकों के आश्रितों से मुलाकार कर उन्हें सम्मानित किया। शहीद वीर सैनिकों के आश्रितों को 10 हजार की आर्थिक सहायता राशि के चेक और शॉल भेंट किया। जनरल रावत ने कहा कि मेरे लिए यही सबसे बड़ा सौभाग्य है कि शहीद सैनिकों के परिजनों से मुलाकात हो गई। 

पदमश्री बसंती बिष्ट ने बांधा समा
सम्मेलन के द्वितीय सत्र में जागर गायिका पदमश्री बसंती बिष्ट और उनकी टीम ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की छटा बिखेरी। उन्होंने मांगल गीतों की प्रस्तुति दी। गो वंदना, गणेश वंदना, मां भगवती के जागर से कार्यक्रम में चार चांद लगाए। बसंती बिष्ट ने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडियों में परिवर्तन लाने की क्षमता है। कहा कि सभी लोग मिलकर उत्तराखंड की संस्कृति के संवर्द्धन के लिए कार्य करें। देहरादून से आए आरजे काव्य ने सुरीले संवाद से समा बांधा।
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