शुक्रवार रात एक बजकर 25 मिनट पर राहु-केतु ने घर बदले। 18 साल बाद राहु का सिंह राशि में और केतु का कुंभ राशि में प्रवेश हुआ। इससे पूर्व 24 जून वर्ष 1997 में भी राहु-केतु इन्हीं राशियों में आए थे।
राहु-केतु छाया ग्रह हैं। करीब डेढ़ वर्ष तक एक ही राशि पर संचार करते हैं। यह दोनों ग्रह इन राशियों पर 17 अगस्त 2017 तक रहेंगे। उत्तराखंड विद्वत सभा के उपाध्यक्ष आचार्य भरत राम तिवारी के अनुसार ग्रह परिवर्तन का सभी राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा।
राहु के सिंह राशि पर आने से प्रभाव
वृष, मिथुन, कर्क, कन्या, तुला, धनु, मीन राशि वालों के लिए लाभ-कार्य सिद्धि-पदोन्नति आदि कारक रहेगा। मेष, सिंह, वृश्चिक, मकर, कुंभ राशियों के लिए यह परिवर्तन शुभ नहीं रहेगा। संपत्ति विवाद, अपयश, स्थानांतरण, कार्य हानि आदि हो सकता है।
केतु के कुंभ राशि पर आने से यह होगा प्रभाव
मेष, वृष, कन्या, धनु राशि वालों के लिए शुभप्रद रहेगा। राज्यपक्ष से लाभ, सुख साधनों में वृद्धि, विदेश यात्रा, कार्यों में सुधार होगा। मिथुन, कर्क, सिंह, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ, मीन राशि वालों के लिए शुभ नहीं रहेगा। धन का अपव्यय, घरेलू कलह, शत्रुभय, विद्या में अड़चनें एवं संघर्ष अधिक रहेगा।
सरकार के लिए योग
29 जनवरी से 11 अगस्त तक गुरु, राहु एवं मंगल-शनि का योग बन रहा है जो कि ग्रह स्थिति के अनुसार सरकार के लिए आरोप-प्रत्यारोप, विकास योजना में विलंब मंत्रिमंडल में परिवर्तन-महंगाई आदि में वृद्धि कर सकता है।