कृषि मंत्री के मुताबिक नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनते ही कृषि क्षेत्र में कई सुधारात्मक कदम उठाए। 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लिए कृषि में नई तकनीक का उपयोग और समेकित खेती पर खासा जोर दिया गया है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड दस करोड़ किसानों को जारी कर दिए गए हैं। ई बाजार, ग्राम्य हाट, सूक्ष्म सिंचाई, सिंचाई आदि को तवज्जो दी जा रही है।
राधा मोहन ने पंतनगर विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय घोषित किये जाने की मांग को नजरअंदाज किया लेकिन विश्वविद्यालय के लिए सत्र 2018-19 से 25 करोड़ रुपये की कौशल विकास परियोजना का ऐलान किया। इस परियोजना के तहत विश्वविद्यालय के शिक्षक और छात्र विदेश में अध्ययन कर सकेंगे। इससे पहले राधा मोहन ने किसान मेले का भ्रमण किया।
विश्वविद्यालय को सीख
पंतनगर। केंद्रीय कृषि मंत्री ने पंतनगर विश्वविद्यालय को केंद्रीय सहायता देने की मांग नहीं मानी। उन्होंने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय सात हजार एकड़ जमीन का मालिक है। इतनी जमीन के मालिक को किसी बैसाखी की जरूरत नहीं होनी चाहिये। पंतनगर से पूर्व में छह हजार एकड़ औद्योगिक प्रयोजन के लिए ली गई यह गलत हुआ।