शांति निकेतन ट्रस्ट फॉर हिमालया की ओर से गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर वेबिनार कार्यक्रम का आयोजन किया। ऑनलाइन गोष्ठी का शुभारंभ मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने किया। डॉ. निशंक ने कहा कि गुरुदेव ने भारत ही नहीं एशिया को साहित्य में पहला नोबेल पुरस्कार दिलाया।
टैगोर ने रामगढ़ में शांति निकेतन की स्थापना कर उत्तराखंड और पहाड़ को नई पहचान दिलाई। मंत्री ने कहा कि रामगढ़ में विश्वा-भारती और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मध्य समन्वय स्थापित कर एक आदर्श संस्थान खोलने को लेकर सहमति बनी है, इसके लिए धरातल पर कार्य शुरू कर दिया है। इससे दुनिया के लोग रामगढ़ आकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
जयंती को राष्ट्रगान दिवस मनाने पर सहमति
डॉ. निशंक ने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती को राष्ट्रगान दिवस के रूप में मनाने पर वह सर्मथन देते हैं। इसके लिए उन्होंने ट्रस्ट से ही शुरुआत करने को कहा। निशंक ने शांति निकेतन ट्रस्ट फॉर हिमालया की नवनिर्मित वेबसाइट
www.tagroetop.com का विमोचन किया। उन्होंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों को कोविड-19 में भी टैगोर की जयंती अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाने के लिए बधाई दी।
दो देश एकसाथ मना रहे जयंती : गांगुली
विशिष्ट अतिथि बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त रीवा गांगुली दास ने कहा कि गुरुदेव की ओर से रचित राष्ट्रगान वाले दो देश एक साथ जन्मोत्सव मना रहे हैं। विवि अनुदान आयोग के अध्यक्ष प्रो. डीपी सिंह ने कहा कि गुरुदेव एक साहित्यकार न होकर पर्यावरण प्रेमी थे।
आयोजक सचिव प्रो. अतुल जोशी ने कहा कि छह वर्षों से ट्रस्ट जयंती मना रहा है। ट्रस्ट के प्रन्यासी और विधायक गोविंद कुंजवाल ने सहयोग के लिए सभी का आभार जताया। ऑनलाइन वीसी में पूर्व विदेश सचिव शशांक, देवेंद्र सिंह ढैला, देवेंद्र बिष्ट, शुभम डालाकोटी, हेमंत डालाकोटी, नवीन वर्मा, डॉॅ. नवीन जोशी, डॉ. सुरेश डालाकोटी, डॉ. एसडी तिवारी, डॉ. पंकज उप्रेती, मोहन जोशी आदि रहे।