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Dehradun News: नई पीढ़ी के निर्माण में बाल साहित्य का परिचय जरूरी

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दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से रूम टू रीड और यूनाइटेड स्टेट एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलेपमेंट के सहयोग से शोध संस्थान सभागार में ‘उत्तराखंड में बाल साहित्य एक परिप्रेक्ष्य’ विषय पर संगोष्ठी हुई। रूम टू रीड की प्रमुख पुष्पलता रावत ने बताया कि सार्वजनिक पुस्तकालयों में बच्चों की जगह आज भी बहुत सीमित है। भारतीय भाषाओं में रचे गए बाल साहित्य के अलावा विश्व साहित्य से नई पीढ़ी को परिचित कराना जरूरी है। संगोष्ठी में शिक्षाविद डॉ. सविता मोहन ने कहा कि विदेशों में बाल साहित्य से बच्चों को शुरुआती दौर में ही परिचित कराने की चेष्टा की जाती है। नई शिक्षा नीति में भी बच्चों में रचनात्मकता को विकसित करने के लिए स्थानीय साहित्य पर विशेष जोर दिया गया है। साहित्यकार डॉ. नंदकिशोर हटवाल, ऑल इंडिया रेडियो के अनिल भारती, प्रकाशक प्रवीण भट्ट ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार मुकेश नौटियाल ने किया।
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Iबाल साहित्य की 200 पुस्तकें दून पुस्तकालय को भेंट कींI



कार्यक्रम में रूम टू रीड ने बाल साहित्य की 200 पुस्तकें दून पुस्तकालय को भेंट कीं। बाल पुस्तकालय अब शुक्रवार, शनिवार को सुबह 10 से शाम पांच बजे तक खुला रहेगा। कार्यक्रम में डॉ. रवि चोपड़ा, चंद्रशेखर तिवारी, सुधा जुगरान, प्रेम साहिल, शूरवीर सिंह रावत, कल्पना बहुगुणा, सत्यानंद बडोनी, विजय भट्ट, सुंदर बिष्ट, इंद्रेश नौटियाल, हर्षमणि भट्ट, बीना बेंजवाल आदि मौजूद रहे।
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