फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarkashi: रद्दी से बनी कठपुतलियां देंगी पर्यावरण संरक्षण का संदेश, छात्र कर रहे शो तैयार, 15 अगस्त को मंचन

Tue, 04 Aug 2026 07:37 AM IST
Renu Saklani विपिन नेगी, संवाद, न्यूज एजेंसी, बड़कोट (उत्तरकाशी)

सार

रद्दी से बनी कठपुतलियां पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगी। राजकीय इंटर कॉलेज साल्ड के छात्र-छात्राएं तैयार वृक्ष गाथा पपेट शो कर रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस पर पहला मंचन किया जाएगा।

विज्ञापन
प्रतीकात्मक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

घर के कोने में पड़ी बेकार वस्तुएं अब पर्यावरण संरक्षण की कहानी सुनाएंगी। राजकीय इंटर कॉलेज साल्ड के छात्र-छात्राएं कठपुतलियों के माध्यम से समाज को जागरूक करने की अनूठी पहल कर रहे हैं। शिक्षक प्रेम सिंह कटारिया (पीएस कटारिया) के मार्गदर्शन में तैयार 10 विद्यार्थियों की टीम अपने पहले पपेट शो ‘वृक्ष गाथा’ के जरिये पेड़ों और पर्यावरण बचाने का संदेश देगी।

इस अनोखी पहल की खासियत यह है कि शो में इस्तेमाल होने वाली कठपुतलियां बाजार से नहीं खरीदी गईं, बल्कि शिक्षक पीएस कटारिया ने घर में रखे रद्दी सामान से इन्हें नया रूप दिया है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विद्यालय में ‘वृक्ष गाथा’ का पहला मंचन किया जाएगा।

विज्ञापन

विद्यार्थियों और जनजागरूकता से जोड़ा गया
पीएस कटारिया ने बताया कि कठपुतली निर्माण उनकी रुचि की कला है, लेकिन आधुनिक दौर में यह पारंपरिक कला धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही है। कठपुतलियों को केवल पुराने समय की यादों और पुस्तकों तक सीमित न रहने देने के उद्देश्य से विद्यालय में इसे विद्यार्थियों और जनजागरूकता से जोड़ा गया है।

उन्होंने बताया कि शिक्षकों की सहमति के बाद छात्र-छात्राओं को कठपुतली निर्माण की जानकारी दी गई और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित नाटक तैयार किया गया। ‘वृक्ष गाथा’ का निर्देशन पीएस कटारिया कर रहे हैं, जबकि कक्षा 10वीं की छात्रा आराधना नेगी सह निर्देशक की भूमिका निभा रही हैं। टीम में आजाद, प्राची, अर्जुन, अकुंश सहित अन्य विद्यार्थी शामिल हैं।

ये भी पढे़ं...Uttarakhand Cyber Attack: खतरा अभी टला नहीं, चीन के बहरूपिया वायरस ने सरकारी वेबसाइटों के डेटा में लगाई सेंध

विद्यालय का लक्ष्य इस नवाचार को जनपद से राष्ट्रीय स्तर तक पहचान दिलाना है। भविष्य में कठपुतली कला के माध्यम से सामाजिक जागरूकता से जुड़े अन्य विषयों पर भी कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे। विद्यालय के शिक्षक सत्येंद्र नौटियाल ने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों में रचनात्मकता, सीखने की क्षमता और नई सोच विकसित करने में मददगार साबित होगी। साथ ही दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को एक नई कला सीखने का अवसर भी मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें