एटीएस कॉलोनी में आतंक का पर्याय बना बिल्डर पुनीत अग्रवाल जिला बदर का आदेश जारी होने के बाद दुबक गया। पुलिस बुधवार को उसके घर पहुंची तो वह नहीं मिला। पुलिस ने जिलाधिकारी के आदेश की जानकारी देते हुए तुरंत जिला छोड़कर जाने संबंधी नोटिस उसके घर पर चस्पा किया है।
बता दें कि बच्चों पर पिस्तौल तानने और वैज्ञानिक से मारपीट करने वाले बिल्डर पुनीत अग्रवाल को जिलाधिकारी ने छह महीने के लिए जिला बदर करने के आदेश दिए हैं। उस पर आरोप हैं कि वह कभी किसी के घर जबरन घुस जाता तो कभी अवैध निर्माण कर मलबा लोगों के घर के बाहर डाल देता था। इस बीच उसने पिछले साल धनतेरस की रात पटाखे जला रहे बच्चों पर पिस्तौल तानकर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। इसकी वीडियो वायरल हुई और लोगों ने शिकायत की तो पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद भी उसकी उदंडता कम नहीं हुई। वह तरह तरह से लोगों को डराने धमकाने लगा। गत 13 अप्रैल को उसने कॉलोनी में रहने वाले डीआरडीओ के वैज्ञानिक दंपती के साथ भी मारपीट की। पुलिस लगातार उस पर कार्रवाई कर रही थी लेकिन उसके खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए थे। कारण था कि सभी मामले गिरफ्तारी वाले नहीं थे। ऐसे में लोगों ने जिलाधिकारी सविन बंसल से शिकायत की तो उन्होंने इसका संज्ञान लेते हुए बिल्डर के खिलाफ गुंडा एक्ट में कार्रवाई की। पुलिस ने भी कड़ाई दिखाते हुए उसकी थार सीज कर दी। इसके साथ ही डीएम ने उसकी पिस्तौल का लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने पुलिस को बिल्डर की पिस्तौल जब्त करने के आदेश भी दिए हैं। रायपुर थाना प्रभारी संजीत कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार पुलिस टीम बिल्डर पुनीत अग्रवार के एटीएस कॉलनी स्थित घर पर गई थी लेकिन वह नहीं मिला। उसकी पत्नी को आदेश की जानकारी दे दी गई है और घर पर नोटिस चस्पा कर दिया गया है।