देहरादून जिले के कालसी में महिला पुरुषों ने मिलकर काम किया तो पूरे गांव की प्यास बुझ गई। सोलर ड्यूल हैंडपंपों ने देहरादून कालसी के पास स्थित डुमेट और बाड़वाला गांव के लोगों की जिंदगी बदल दी।
कई किमी दूर नदियों से पानी भरकर लाने वाले लोगों ने नहीं सोचा था कि पानी चलकर उनके घर के पास तक आ जाएगा। दिनभर पानी ढोने वाली महिलाओं का समय बचा तो उन्होंने भी पति का हाथ बंटाना शुरू कर दिया।
अब ना ही तो इन्हें पानी के लिए अधिक चलना पड़ता है और ना ही घंटों लाइनों में लगना पड़ता है। घर के समीप के स्टैंड पोस्ट से रात-दिन मिलने वाले पानी से इनकी दिनचर्या ही बदल गई।
पेयजल निगम की ओर से दून जिले में 66 सोलर ड्यूल हैंडपंप लगाए जा रहे हैं, जो कि सहसपुर, विकासनगर, डोईवाला, रायपुर आदि ग्रामीण क्षेत्रों में लगेंगे। इनमें से तीस सोलर ड्यूल हैंडपंप लग चुके हैं। विकासनगर के डूमेट और बाड़वाला आठ नंबर बस्ती में दो महीने पहले ही यह लगाए गए हैं।
इन गांवों में तीस सालों से रह रहे लोगों ने कभी नहीं सोचा था कि बिना भागदौड़ किए उन्हें पानी मिल सकता है। अधिकतर लोग नदी तक जाकर ही पीने का पानी लाते थे, कपड़े धोते थे, वहीं बच्चों को नहलाते थे। एक साल पहले इनके क्षेत्रों में हैंडपंप तो लगा तो दूर-दराज के गांव के लोग भी पानी भरने यही आने लगे।
स्थिति यहां तक हो गई कि पानी के लिए लंबी लाइन के चलते झगड़े तक होने लगे। नदियों का पानी पीने से अक्सर गांवों में कोई ना कोई बीमार रहता। लेकिन अब सभी समस्याओं से गांव के लोगों को छुटकारा मिल चुका है। स्थिति यह है कि पहले तक सुबह से शाम तक जो महिलाएं सिर्फ पानी ढोती थी अब आधे घंटे में अपना काम निपटा कर ध्याणी पर निकल जाती हैं।