सरकार की ओर से मानदेय से वंचित पीटीए टीचरों को अब दस हजार रुपये मासिक मानदेय मिलेगा। मंत्रिमंडल की बैठक में पीटीए टीचरों को मानदेय दिये जाने का निर्णय लिया गया है। इस वर्ग के अधीन लगभग दो सौ से तीन सौ पीटीए टीचर हैं, जो लंबे समय से मानदेय के लिए आंदोलनरत थे। हालांकि स्कूल की व्यवस्था (प्रबंधन) के तहत इन्हें 15 सौ रुपये मासिक मानदेय मिलता था। पीटीए टीचरों के लिए यह बड़ी राहत है।
प्रदेश में दो तरह के पीटीए टीचर तैनात हैं। एक जिन्हें मानदेय नहीं मिलता तो दूसरे वह जो शिक्षा विभाग से मानदेय ले रहे हैं। मानदेय नहीं मिलने वाले टीचरों की संख्या बेहद कम है, जो सिर्फ स्कूल की व्यवस्था के तहत मासिक 1500 रु से गुजारा कर रहे थे। यह टीचर लंबे समय से सरकार से मानदेय दिये जाने की मांग कर रहे थे।
कुछ समय पहले इन्होंने मानदेय के लिए आंदोलन भी शुरू किया। सरकार ने कई बार आश्वासन दिया लेकिन अब मंत्रिमंडल ने दस हजार मासिक मानदेय का निर्णय देकर बड़ी राहत दी है।
मंत्रिमंडल ने इसके अलावा आयुष विभाग में फार्मासिस्टों के 180 पदों के सृजन के लिए सरकार ने सहमति दे दी है। आयुष फार्मासिस्ट लंबे समय से पदों को भरने की मांग कर रहे थे, जिसके बाद सरकार ने रिक्त पद भरने पर मुहर लगाई है।