संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में रखे गए प्रस्तावों को लेकर विरोध तेज हो गया है। बुधवार को विक्रम एवं ऑटो रिक्शा परिवहन महासंघ ने भी अपना विरोध जताया। इंद्रा मार्केट में हुई बैठक में हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की, लक्सर, झबरेड़ा, डोईवाला की सभी ऑटो रिक्शा-विक्रम यूनियनों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसमें विक्रम-आटो में जीपीएस लगाने और वाहनों के संचालन केंद्र से छेड़छाड़ का विरोध किया गया।
बैठक की अध्यक्षता यूनियन के अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत ने की। इस दौरान विक्रम एवं ऑटो रिक्शा में जीपीएस लगाने का पूर्ण विरोध किया गया। कहा, कि विक्रम और आटो दोनों ही खुले वाहन होते हैं। इसमें जीपीएस लगाना व्यावहारिक नहीं है। जीपीएस लगाने से उसके चोरी होने का खतरा बना रहेगा, इसलिए आटो व विक्रम में जीपीएस लगाने से छूट दी जाए।
कहा, विक्रमों के संचालन केंद्र बिंदु के साथ छेड़छाड़ न की जाए। देहरादून में विक्रमों-आटो को घंटाघर क्षेत्र में पूर्ण प्रतिबंधित करने की तैयारी की जा रही है। संगठन के महामंत्री शेखर कपिल ने कहा, आरअीटो सीएनजी ऑटो रिक्शा एवं विक्रम के नए परमिट खोलने की तैयारी कर रहे हैं। इसका यूनियन विरोध करती है। वहीं कहा गया कि ई-रिक्शा की भरमार हो गई है। इसके पंजीकरण को पूर्णतया प्रतिबंधित किया जाए। ई-ऑटो रिक्शा की संख्या सीमित की जाए।
बैठक में अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत ने कहा, आरटीओ आए दिन नए फरमान जारी करते हैं और ऑटो रिक्शा एवं विक्रम संचालकों को परेशान किया जा रहा है। बैठक में कहा गया कि सभी विक्रम एवं ऑटो रिक्शा यूनियन के प्रतिनिधि 20 जनवरी को सुबह 11 बजे शनि आश्रम शंकर आश्रम के पास तहसील ज्वालापुर में बैठक करेंगे। इसमें भविष्य के आंदोलन की रूप रेखा तय की जाएगी। बैठक में पंकज अरोड़ा, शेखर कपिल, संजय अरोड़ा, पवन कुमार, बेचन गुप्ता, राजेश भट्ट, राम आशीष, नवीन जैन, शैलेन्द्र नेगी आदि मौजूद रहे।