नर्सिंग बेरोजगार रात करीब दस बजे पुलिस और इंटेलिजेंस को चकमा देते हुए सीएम आवास के बाहर पहुंच गए। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी आते देख पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
जानकारी के मुताबिक करीब साढ़े नौ बजे 100 प्रदर्शनकारी एकता विहार धरना स्थल से चुपचाप अपने वाहनों से गढ़ी कैंट के रास्ते सीएम आवास के पास पहुंच गए। तेज बारिश के चलते किसी को पता ही नहीं चल पाया। गौरतलब है कि नर्सिंग बेरोजगार करीब सात महीने से वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले धरना दे रहे हैं। मई माह में दो महिलाएं समेत कई बेरोजगार परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। मांग पूरी होने के आश्वासन पर बेरोजगार टंकी से नीचे उतरे थे।
अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी की गई नर्सिंग भर्ती परीक्षा की तिथि को रद्द करने की मांग के लिए बेरोजगारों ने फिर से आंदोलन उग्र कर दिया है। सोमवार को बेरोजगार ने स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। मंगलवार को दिनभर स्वास्थ्य महानिदेशालय पर धरना दिया गया। स्वास्थ्य महानिदेशक ने इस मामले में मंत्री से भी बात की। लेकिन बेरोजगार नहीं माने। रात होते ही उन्होंने सीएम कूच कर दिया। पुलिस ने सभी के हिरासत में ले लिया है। कुछ प्रदर्शनकारियों को एकता विहार छोड़ दिया गया है जबकि कुछ को पुलिस थाने ले गई है। नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर ने बताया कि नर्सिंग भर्ती परीक्षा की घोषित तिथि को रद्द कर वर्षवार भर्ती प्रक्रिया लागू की जाएगी तभी यह आंदोलन खत्म होगा। कहा कि उन्होंने तीन दिन पहले मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए समय मांगा था लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अपनी मांगों से मुख्यमंत्री को अवगत कराने के उद्देश्य से वे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। इस दौरान राजेंद्र कुकरेती, प्रवेश रावत, अनिल रमोला, सरिता जोशी आदि मौजूद रहे।