शनिवार को कर्णप्रयाग पहुंचे सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के काफिले को आंदोलनरत ग्रामीणों ने रोकने का प्रयास किया। इसके बाद जानिए सीएम ने क्या किया।
स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार, डॉक्टरों की नियुक्ति सहित अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार से क्रमिक अनशन पर बैठे स्वास्थ्य व्यवस्था सुधार संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार और सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत पर जनभावनाओं की उपेक्षा का आरोप लगाया।
सीएम द्वारा ज्ञापन नहीं लेने से नाराज संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने सीएम के काफिले को रोकना चाहा, लेकिन सीएम नहीं रुके। इससे नाराज समिति के लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं, भाजपाइयों ने भी विरोध जताया और समिति पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
तीन अक्तूबर को अस्पताल में ग्वाड़ गांव निवासी लक्ष्मी उर्फ गीता प्रसूता की प्रसव के बाद हुई मौत में लापरवाही पर कार्रवाई तथा उसके परिजनों को मुआवजा, सीएचसी में रिक्त पड़े डॉक्टरों की नियुक्ति, ट्रामा सेंटर को शुरू करने की मांग को लेकर शुक्रवार से क्रमिक अनशन पर हैं।