8वीं बार होने जा रहे जौनसार बावर सांस्कृतिक महोत्सव में विरोध के स्वर फूटने लगे हैं। जौनसार बावर के कलाकारों ने महोत्सव के आयोजक सेवावृत्त कर्मचारी मंडल पर कम पारिश्रमिक देने और बाहरी कलाकारों से कम तवज्जो देने का आरोप लगाया है।
इसके खिलाफ कलाकार कार्यक्रम के दौरान काले फीते बांधकर विरोध जताएंगे। कलाकारों के मुताबिक आयोजकों से कई बार शिकायत की गई। मगर बात नहीं सुनी गई। उधर, आयोजकों के साथ कलाकारों की शुक्रवार शाम हुई बैठक भी बेनतीजा रही।
कलाकारों को नहीं मिल रहा पैसा
कलाकार बाबू राम शर्मा ने बताया कि आयोजन के लिए ढाई से पांच लाख तक की सरकारी मदद मिलती है। आठ साल पहले दून में इसकी शुरुआत के वक्त हमने कलाकारों के साथ बिना पारिश्रमिक प्रस्तुति दी।
आज जब आयोजन प्रसिद्घि पा चुका है और अच्छा पैसा मिलने लगा है तो बाहरी कलाकारों पर इसे लुटाया जा रहा। उन्होंने बताया कि रविवार को आयोजन स्थल पर कलाकार काले फीते बांधकर विरोध करेंगे।
क्या कहते हैं लोकगायक राणा
लोकगायक सुरेंद्र सिंह राणा ने कहा कि आयोजकों से बात हुई है। मैं प्रस्तुति देता हूं तो भी मैं उन कलाकारों के साथ हूं, जो विरोध कर रहे हैं। उनकी मांगें सही हैं।
जब क्षेत्रीय कलाकारों के विभागीय मानदेय लटके हैं तो बाहरी कलाकारों पर पैसा लुटाने का कोई तुक नहीं। सरकारी पैसे से अधिक से अधिक क्षेत्रीय कलाकारों को काम देना चाहिए।
अंबेडकर ग्राउंड में होगा महोत्सव
जौनसार बावर सांस्कृतिक महोत्सव शनिवार से अंबेडकर ग्राउंड में होगा। दो दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम की शुरुआत सुबह दस बजे हुई।
शनिवार को इसमें क्षेत्रीय कलाकार परफॉर्म करेंगे। वहीं, अंतिम दिन रविवार को हिमाचल के लोक गायक कुलदीप अपनी पेशकश देंगे।