देहरादून स्मार्ट सिटी लि. (डीएससीएल) ने बुधवार को परेड ग्राउंड स्थित धरना स्थल पर जेसीबी से खुदाई शुरू कर दी है। यहां करीब 21 करोड़ रुपये की लागत से परेड ग्राउंड का कायाकल्प किया जाना है। वहीं, दूसरी ओर यहां धरना-प्रदर्शन कर रहे विभिन्न संगठनों के लोगों ने नाराजगी जताई।
डीएससीएल की टीम सुबह जेसीबी लेकर परेड ग्राउंड स्थित धरना-स्थल की खुदाई शुरू कर दी। जिसे लेकर वहां धरना दे रहे गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान, उत्तराखंड बेरोजगार संगठन ने इसका विरोध किया।
उनका कहना था कि धरना स्थल दूसरी जगह शिफ्ट न किया जाए। मौजूदा धरना स्थल शहर के बीच है। ऐसे में अगर इसे सहस्त्रधारा रोड भेजा जाएगा तो परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि इसे लेकर प्रदर्शन किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने परेड ग्राउंड से धरना स्थल को अधोईवाला शिफ्ट कर दिया है। इसके बाद भी परेड ग्राउंड में धरना देने की कोशिश कर रहे बेरोजगार संघ के 11 सदस्यों सहित 16 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेज दिया है। वहां से देर रात उन्हें छोड़ दिया गया।
बता दें कि फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा निरस्त करने की मांग के लिए बेरोजगार संघ के सदस्य कई दिनों से परेड ग्राउंड में धरना दे रहे हैं। लेकिन, होली के दिन प्रशासन ने स्मार्ट सिटी के लिए धरना स्थल खोदकर धरने अधोईवाला शिफ्ट कर दिए गए। प्रशासन ने साफतौर पर कहा कि इसके बाद जो भी परेड ग्राउंड में धरना देते पाया जाएगा मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
पुलिस और प्रशासन की इस चेतावनी के बाद भी बुधवार को बेरोजगार संघ के सदस्य परेड ग्राउंड स्थित धरना स्थल पर एकत्रित हुए और धरना देने का प्रयास करने लगे। लेकिन, मौके पर मौजूद भारी पुलिस फोर्स ने संघ के 11 सदस्यों को जबरन वहां से उठाकर गिरफ्तार कर लिया और पुलिस लाइन भेज दिया। इसके साथ ही संवैधानिक अधिकार मंच के लोगों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। देर रात गिरफ्तार सभी सदस्यों को छोड़ दिया गया। इस दौरान बेरोजगार संघ के सदस्य सुनील डोभाल ने कहा कि प्रशासन बेरोजगारों के संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही है।
पुलिस ने देर रात खाली कराया धरना स्थल
पुलिस ने देर रात तक परेड ग्राउंड स्थित धरना स्थल को पूरी तरह से खाली करा दिया। इसके बाद वहां बुल्डोजर लगाकर खुदाई कर दी गई। जिला प्रशासन के धरना स्थल अधोईवाला शिफ्ट किए जाने के बाद सुबह से ही पुलिस फोर्स धरना स्थल पर जुट गई। इसके बाद पुलिस ने वहां धरना दे रहे लोगों को वहां से हटने के निर्देश दिए।इस बीच धरना दे रहे लोगों और पुलिस की आपस में नोंकझोंक भी हुई।
देर रात तक एसपी सिटी श्वेता चौबे के नेतृत्व में पुलिस धरने स्थल पर ही तैनात रही। इसके बाद पुलिस ने वहां से सभी टैंट उखाड़ दिए और बाद में वहां बुल्डोजर चला कर खुदाई कर दी गई। एसपी सिटी श्वेता चौबे ने कहा कि बृहस्पतिवार से यहां कोई धरना नहीं दिया जाएगा। जबरदस्ती करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।