श्राइन बोर्ड के विरोध में मुखर तीर्थ पुरोहितों ने शनिवार को संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक से साफ कहा कि श्राइन बोर्ड विधेयक को किसी भी कीमत पर विधानसभा में पेश होने नहीं दिया जाए। विधानसभा और मुख्यमंत्री आवास के घेराव के लिए तीर्थ पुरोहितों ने अब चारों धामों के पुरोहित परिवारों और समर्थकों को देहरादून पहुंचने के लिए भी कह दिया है। शनिवार को ही आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए कोर कमेटी का गठन भी कर दिया गया।
कोर कमेटी के संयोजक सुरेश सेमवाल के नेतृत्व में तीर्थ पुरोहितों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक से उनके यमुना कालोनी आवास पर मिला। सेमवाल के मुताबिक संसदीय कार्यमंत्री को यह साफ बता दिया गया है कि श्राइन बोर्ड विधेयक को किसी भी कीमत पर विधानसभा में पेश नहीं किया जाए।
सदन में यह विधेयक तीर्थ पुरोहितों को विश्वास में लिए बिना नहीं रखा जाना चाहिए। मदन कौशिक ने तीर्थ पुरोहितों को मुख्यमंत्री से बात करने का आश्वासन दिया और कहा कि पुरोहित अपने सुझाव सरकार को दे सकते हैं। सेमवाल के मुताबिक पुरोहितों ने सुझाव देने से साफ मना कर दिया है।
इसी के साथ तीन दिसंबर को मुख्यमंत्री आवास और चार दिसंबर को विधानसभा घेराव के लिए चारो धामों के पुरोहित परिवारों और अन्य समर्थकों को देहरादून पहुंचने को भी कहा गया है। देवभूमि तीर्थ पुरोहित महापंचायत के महामंत्री हरीश डिमरी के मुताबिक चारों धामों में 25 हजार से अधिक परिवार तो सिर्फ तीर्थ पुरोहितों के ही हैं। सिर्फ बदरीनाथ में ही हकदारों की 33 से अधिक पंचायतें हैं।
चारों धामों की अपनी अलग-अलग मान्यताएं, एक एक्ट कैसे
महामंत्री हरीश डिमरी के मुताबिक चारों धामों की अपनी विशिष्ट पूजा पद्धतियां हैं। धार्मिक से लेकर अन्य मान्यताओं में भी अंतर है। एक ही अधिनियम से इन चारों धामों का संचालन कैसे किया जा सकता है। बड़ी बात यह है कि सरकार ने पुरोहितों को विश्वास में लिए बिना ही यह विधेयक लाने का फैसला किया है। सरकार पहले श्राइन बोर्ड को लेकर सबकी सहमति ले।
कोर कमेटी का गठन, सुरेश सेमवाल संयोजक
आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए महापंचायत ने सुरेश सेमवाल को संयोजक बनाते हुए कोर कमेटी का गठन कर दिया है। कोर कमेटी मेें विनोद शुक्ला, कृष्णकांत कोठियाल, हरीश डिमरी, लक्ष्मी नारायण जुगरान, संजीव सेमवाल, जगमोहन उनियाल, कृतेश्वर उनियाल, बृजेश सती, रविंद्र सेमवाल, उमेश सती आदि को शामिल किया गया है।