मंगलौर में निर्माणाधीन स्लॉटर हाउस के विरोध में लक्सर में अनशन कर रहे दो संतों की तबीयत रविवार रात बिगड़ गई। सूचना मिलते ही एसडीएम मौके पर पहुंचे और स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुलाकर संतों की जांच कराई। एसडीएम के निर्देश पर दोनों संतों को हरिद्वार जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्लॉटर हाउस के विरोध में बीते छह दिनों से लक्सर ट्रक यूनियन के दफ्तर के बाहर दो संत अनशन कर रहे हैं। रविवार रात दोनों संतों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सूचना मिलते ही एसडीएम पूरण सिंह राणा, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम को लेकर मौके पर पहुंच गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक डॉ. अनिल वर्मा ने टीम के साथ संतों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
डॉक्टरों के मुताबिक, कमजोरी के चलते बाबा नरेश बर्फानी का स्वास्थ्य बिगड़ गया जबकि ठंड से बाबा मुकेश गिरी के चेस्ट में पेन हो रहा है। डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी। इस पर एसडीएम पूरण सिंह राणा की देखरेख में दोनों संतों को एंबुलेंस से हरिद्वार के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीएचसी चिकित्साधीक्षक डॉ. अनिल वर्मा ने बताया कि दोनों संतों का स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के चलते उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अन्य संतों ने अनशन स्थल पर पहुंच संभाला मोर्चा
अनशनकारी संतों की तबीयत बिगड़ने पर अलग-अलग स्थानों के अनेक संतों ने अनशन स्थल पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने साफ तौर पर चेतावनी दी कि सरकार उनके सब्र का इम्तिहान न ले, वरना अंजाम बुरा होगा। रविवार रात दोनों संतों को अस्पताल में भर्ती कराते ही पथरी क्षेत्र स्थित पथलेश्वर महादेव मंदिर के महंत अखिलेश गिरी महाराज, बढ़ीवाला के ब्रह्मलीन हरि गिरि महाराज, बालावाली के बाबा लोकेंद्र महाराज, कबूलपुर रायघटी के बाबा कपिलानंद महाराज और लक्सर के फूलगिरी नागा बाबा, हरिद्वार के नागेश्वर गिरी महाराज सोमवार को अनशन स्थल पर पहुंचे और धरना शुरू कर दिया।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार संतों की नगरी है। ऐसे में सरकार यहां स्लॉटर हाउस का निर्माण कर उनकी धार्मिक भावनाओं को आघात पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उसे बंद करने का लिखित आदेश जारी नहीं कर देती, आंदोलन जारी रहेगा। उधर, एसडीएम पूरण सिंह राणा ने बताया कि संतों के आंदोलन की जानकारी डीएम के माध्यम से शासन को भेजी गई है।