आल इंडिया इक्विलिटी फोरम, पूर्व सैनिक समिति और उद्योग व्यापार मंडल की ओर से आयोजित बंद का जिले में मिलाजुला असर, जबकि जिला मुख्यालय में बंद अभूतपूर्व रहा। निजी शिक्षण संस्थान, पेट्रोल पंप पूरी तरह बंद रहे। प्रदर्शनकारियों के आग्रह पर बैंक भी बंद रहे। गंगोलीहाट, अस्कोट और बेड़ीनाग में भी बंद सफल रहा।
आरक्षण के विरोध में विभिन्न संगठनों के लोग बृहस्पतिवार को केमू स्टेशन पर एकत्र हुए। यहां पर हुई सभा में आरक्षण के विरोध में जम कर नारेबाजी हुई। मांग की गई कि एससी-एसटी एक्ट को वही रहने दिया जाए जो सुप्रीम कोर्ट ने लागू किया है। सभा के बाद प्रदर्शनकारी जुलूस के रूप में केमू स्टेशन से टकाना रोड होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां करीब एक घंटे के धरने के बाद में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया। यहां से जुलूस लिंक रोड, पालिका तिराहा होते हुए सिल्थाम पहुंचा। बाद में केमू स्टेशन में पहुंचकर समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों के आग्रह पर सिल्थाम में इलाहाबाद, आईडीबीआई, यूको, कैनरा, ओबीसी, सहकारी, ग्रामीण बैंक, स्टेट बैंक, पीएनबी, आईसीआईसीआई समेत अन्य बैंक बंद रहे। प्रदर्शन में व्यापार संघ अध्यक्ष शमशेर सिंह महर, फोरम के कैलाश चंद्र पुनेठा, पूर्व सैनिक दान सिंह वल्दिया, चंचल भंडारी, मनोहर जेठी, विहिप के जगदीश पांडेय, सोनम पांडेय, अभिषेक बोरा आदि थे।
बेड़ीनाग में व्यापार संघ के आह्वान पर बंद का व्यापक असर रहा। अलबत्ता स्कूल कॉलेज और कार्यालय सामान्य रूप से खुले रहे। वाहनों का संचालन भी कम रहा। व्यापारियों और शिक्षक संगठनों ने शहीद चौक से जुलूस निकाला और एसडीएम सोहन सिंह सैनी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में देश में आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग की गई है। इस दौरान व्यापार संघ अध्यक्ष ललित मेहरा, सचिव ललित बाफिला, कमल खाती, हेमंत उप्रेती, राजू पाठक, विनोद पाठक, प्रदीप कार्की, राजकीय शिक्षक संघ के ठाकुर डसीला, मनमोहन मेहता, कृपाल सिंह, राजू कठायत, भूपेंद्र भंडारी, हिमांशु उपाध्याय, आलम मियान आदि थे।
पूरी तरह बंद रहे निजी शिक्षण संस्थान
पिथौरागढ़। आरक्षण के विरोध में शनिवार को शहर में बंद की मुनादी कर दी गई थी। इसे देखते हुए निजी शिक्षण संस्थानों ने बृहस्पतिवार को विद्यालयों में छुट्टी कर दी। इक्का-दुक्का जिन प्रबंधकों ने विद्यालय खोले थे, उन्हें भी प्रदर्शनकारियों ने अनुरोध कर बंद करा दिया। जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्र में बंद का व्यापक असर रहा। वड्डा बाजार भी पूरी तरह बंद रहा। पेट्रोल पंप संचालकों ने भी बंद का पूरा समर्थन किया। इसके चलते वाहन चालक पेट्रोल, डीजल के लिए तरसते रहे।
ग्रामीण क्षेत्र से आवाजाही रही ठप
बंद के चलते जिला मुख्यालय में ग्रामीण क्षेत्रों से आवाजाही पूरी तरह ठप रही। इसके चलते टैक्सी चालक दिनभर सवारियों के इंतजार में बैठे रहे। देर शाम टैक्सी चालक सवारियां नहीं मिलने के बाद घरों को लौट गए। यहां भारत बंद का कोई असर नहीं दिखाई दिया। नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों के बाजार, सरकारी कार्यालय और शैक्षिक संस्थान सामान्य दिनों की तरह खुले रहे। नौ अगस्त को प्रस्तावित भारत बंद के समर्थन में जिला बार के अधिवक्ता सड़कों पर उतरे। उन्होंने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार कर बंद के समर्थन में जिला प्रशासन के माध्यम से भारत सरकार को ज्ञापन भेजा। बार अध्यक्ष आरएस बिष्ट, एमएस अधिकारी, एसडी गड़कोड़ी, जीएन थ्वाल, एचसी जोशी, आरएस रैंसवाल, जीसी राय, जीसी उप्रेती, केएस राणा आदि शामिल थे।