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लटक गया उत्तराखंड में नए प्राधिकरणों का प्रस्ताव

Mon, 22 Feb 2016 10:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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हल्द्वानी-रामनगर और ऊधमसिंह नगर को प्राधिकरण क्षेत्र बनाने का प्रस्ताव शासन में अटक गया है। काफी समय बीतने के बावजूद दोनों प्राधिकरणों के गठन का प्रस्ताव शासन में लंबित पड़ा है। पहले हल्द्वानी और रुद्रपुर को जोड़कर एक ही विकास प्राधिकरण बनाने का प्रस्ताव था, जिसमें बाद में बदलाव किया गया।
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उत्तराखंड नगरीय विकास एवं आवास प्राधिकरण (उडा) के गठन के बाद प्रदेश में नए प्राधिकरणों और विनियमित क्षेत्रों के गठन की प्रक्रिया में तेजी आई। प्रदेशभर में कार्यों में तेजी लाने के लिए गढ़वाल में वंशीधर तिवारी और कुमाऊं में आशीष कुमार श्रीवास्तव को संयुक्त मुख्य प्रशासक की जिम्मेदारी दी गई।

पहले हल्द्वानी-रुद्रपुर समेत आसपास के सभी इलाकों को जोड़कर एक संयुक्त प्राधिकरण बनाने का प्रस्ताव किया गया। हालांकि बाद में इसका क्षेत्र अधिक विस्तृत होने की संभावना को देखते हुए हल्द्वानी-रामनगर को मिलाकर एक प्राधिकरण बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया। जबकि पूरे ऊधमसिंह नगर को एक विकास प्राधिकरण में शामिल करने का प्रस्ताव बना।
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अब तक हैं ये प्राधिकरण
प्रदेश में अभी मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए), हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए), दून घाटी विशेष क्षेत्र प्राधिकरण (साडा), नैनीताल झील परिक्षेत्र विकास प्राधिकरण, गंगोत्री विकास प्राधिकरण और टिहरी झील परिक्षेत्र विकास प्राधिकरण और 21 विनियमित शामिल हैं। लंबे समय से नए प्राधिकरण और विनियमित क्षेत्र बनाने की मांग होती रही है।

दो नए प्राधिकरण बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। शासन के स्तर से मंजूरी मिलने पर इनके गठन की दिशा में कार्य होगा। इससे क्षेत्र में नियोजित और नियंत्रित विकास हो सकेगा।
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-वंशीधर तिवारी, संयुक्त मुख्य प्रशासक उडा
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