शासन में नवोदय विद्यालयों के लिए अलग कैडर का प्रस्ताव लटका है। एससीईआरटी और डायट का भी शिक्षक व शिक्षा का अलग संवर्ग नहीं बन पाया है।
प्रदेश में राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों के लिए अलग कैडर का प्रस्ताव शासन में लटक गया है। वहीं, एससीईआरटी और डायट के लिए शिक्षक व शिक्षा का अलग संवर्ग भी अब तक नहीं बना। प्रदेश के सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में पहले ही शिक्षकों की कमी है। ऐसे में इन विद्यालयों से राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों में प्रतिनियुक्ति से शिक्षकों की तैनाती की जाती रही है।
पदोन्नति के होंगे प्रधानाचार्य और उप प्रधानाचार्य के पद
राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों के अलग कैडर के प्रस्ताव में कहा गया है कि इन विद्यालयों में उप प्रधानाचार्य और प्रधानाचार्य के पद पदोन्नति के पद होंगे। विद्यालयों की निगरानी एवं संचालन के लिए राज्यस्तर पर एक प्रकोष्ठ बनेगा। अपर निदेशक मुख्यालय की अध्यक्षता में गठित प्रकोष्ठ में एक संयुक्त निदेशक, एक उप निदेशक, एक वित्त नियंत्रक, लेखाकार, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ सहायकों की तैनाती होगी।
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राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, डायट और एससीईआरटी के अलग कैडर के प्रस्ताव पर शासन से कुछ आपत्ति लगी थी, जिसका निपटारा कर लिया गया है। केंद्र की गाइड लाइन के हिसाब से इनका अलग कैडर बनाया जाएगा। -डॉ धन सिंह रावत, शिक्षा मंत्री