आईएफएस किशन चंद के परिवार का श्यामपुर क्षेत्र में गंगा के बीच एक आलीशान रिजॉर्ट होने की भी बात निकलकर आ रही है। यहां तक पहुंचने का एकमात्र जरिया बोट ही है। विजिलेंस जांच से बचने की जुगत में जुटे किशनचंद के एक हाई प्रोफाइल संत से संपर्क में होने की भी चर्चा है। यह संत खुद की राजनीतिक पार्टियों में बेहतर पकड़ होने का दावा भी सरेआम करते हैं।
विजिलेंस की टीम मुकदमा दर्ज करने के बाद से आईएफएस किशन चंद की तलाश में सरगर्मी से जुटी है और ज्वालापुर स्थित उनके घर पर भी दबिश दे चुकी है, लेकिन आईएफएस का सुराग नहीं मिल सका है। किशन चंद के परिवार का पथरी क्षेत्र में स्टोन क्रशर भी है।
साथ ही कलियर क्षेत्र में एक पब्लिक स्कूल भी चल रहा है। हाल फिलहाल में श्यामपुर क्षेत्र में गंगा के बीच एक आलीशान रिसोर्ट की शुरुआत होने की भी चर्चा है। वहां तक पहुंचने के लिए रिसोर्ट अपनी नाव की सेवा उपलब्ध कराता है। आईएफएस की नजदीकी एक संत से भी है। यह संत खुद को यूपी में बसपा के एक बड़े नेता से करीबी रिश्ते रखने का दावा भरता है।
किशन चंद की पत्नी का राजनीतिक जीवन
आईएफएस की पत्नी जिला पंचायत की अध्यक्ष रह चुकी है। वह कांग्रेस के टिकट पर एक बार ज्वालापुर और भगवानपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड चुकी हैैं। वर्ष 2017 में टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ी थी। हालांकि अभी तक उन्हें जीत नहीं मिल सकी।