देहरादून में निवेशकों के लिए सोने से सोणी प्रॉपर्टी साबित हुई है। जानकारों की मानें तो निवेशकों को छह माह के भीतर तकरीबन 6 फीसदी रिटर्न मिला है।
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प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़े प्रदीप त्यागी बताते हैं कि रेट पर जाएं तो हर तिमाही प्रॉपर्टी मार्केट में तकरीबन ढाई प्रतिशत के उछाल का ट्रेंड बना हुआ है।
जबकि छह माह में सोने में निवेश करने वालों को कोई खास रिटर्न नहीं मिला है। सोने में मंदी का दौर रहा है। जानकारों के अनुसार आने वाले दिनों में सोना भी स्पीड पकड़ सकता है।
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वजह यह कि इंटरनेशनल हालात देखते हुए उसमें बढ़ोत्तरी का दौर अभी जारी रहेगा। लिहाजा निवेशकों को 4-10 फीसदी तक रिटर्न मिल सकता है। फिलहाल तो प्रॉपर्टी हॉट बनी हुई है।
आउटर एरिया भी हो रहा हॉट
निवेश के नजरिए से राजधानी का आउटर एरिया भी खासा हॉट माना जा रहा है। कुछ इलाकेतो पहले ही खासा रिटर्न दे रहे हैं।
रिंग रोड, कारगी, मोहकमपुर जैसे लो प्रोफाइल माने जाने वाले इलाकों तक के आस-पास केइलाकों में निवेश की तरफ लोग खासा ध्यान दे रहे हैं।
भविष्य में यहां हो सकता है बेहतर सेलाकुई, रानीपोखरी, भाऊवाला आदि समेत आस-पास के कई क्षेत्र भविष्य के लिए निवेश के लिहाज से बेहतर समझे जा रहे हैं। आने वाला समय यहां अच्छा रिटर्न देने वाला है।
मार्केट में मंदी का दौर चला है। इस वक्त सोना 28 के करीब चल रहा है। जिस तरह केइंटरनेशनल मार्केट के हालात हैं, इसके रेट का ग्राफ अब ऊपर की ही तरफ देखने को मिलेगा। साफ है कि इस वक्त सोने में निवेश करने वालों के लिए आने वाला समय बेहतर रिटर्न देकर जाने वाला है। - सुनील मैसोन, सर्राफा
कहीं धोखे के शिकार न हों आप
45 साल के सोनी सहगल ने साल भर पहले एक अच्छी कॉलोनी में ड्यूप्लेक्स खरीदा। वह बेहद खुश थे, लेकिन जल्द ही उन्हें पता चला कि जिस बिल्डिंग में वह रह रहे हैं, उस पर पहले से ही एक बैंक का लोन चल रहा है।
बैंक की तरफ से नोटिस पर नोटिस आने लगे। उधर, सोनी लगातार विक्रेता को फोन लगाते रहे, लेकिन वह नंबर बदल चुका था।
अब लोन न देने की सूरत में बैंक वाले संपत्ति को बंधक कर लेते, लिहाजा सोनी अब दोहरा लोन चुकाने को मजबूर हैं। उनकी खुशी को ग्रहण लग गया है...।
सोनी की तरह आपको भी इस तरह की धोखाधड़ी से दो-चार न होना पड़े, इसलिए जरूरी है कि प्रॉपर्टी खरीदने से पहले ठीक से पड़ताल कर ली जाए।
कागजात तो ठीक से जांचे ही जाएं, प्रॉपर्टी की खरीदारी को लेकर किसी तरह की जल्दबाजी न दिखाई जाए ताकि बाद में पछताने की नौबत न आए।
प्रॉपर्टी खरीदने जा रहे हों तो कुछ इस तरह की बरतें सावधानी। यह जरूर जांच लें-
- प्रॉपर्टी का टाइटल क्लियर हो। ओरिजिनल टाइटल डीड देखना न भूलें। - लैंड यूज चेक कर लें कि वह रेजिडेंशियल है या कामर्शियल - लैंड रिकॉर्ड के साथ ही सब-रजिस्ट्रार के रिकॉर्ड भी चेक करें। - प्रॉपर्टी अगर सोसायटी में है तो सोसायटी के रिकॉर्ड सर्च करें। - चेक करें कि विक्रेता ने प्रॉपर्टी टैक्स, सर्विस टैक्स, वैट से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की हैं या नहीं। - सोसायटी का नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जरूरी नहीं, पर लिया जा सकता है। - प्रॉपर्टी पर क्लेम को जानने के लिए पब्लिक नोटिस जारी कर सकते हैं। - अगर बिल्डिंग अंडर कंस्ट्रक्शन है तो सैंक्शन प्लान और कमेंसमेंट सर्टिफिकेट जरूर देखें। - इसके पूरा होने के बाद ऑक्यूपेशन या कंप्लीशन सर्टिफिकेट वेरिफाई कराएं। - सेल डाक्यूमेंट समुचित तरीके से स्टैंप्ड और रजिस्टर्ड हो।