यूजेवीएनएल में बिना बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की अनुमति के प्रमोशन कर दिया गया। इस मामले में उत्तरांचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन ने सामूहिक इस्तीफ की चेतावनी दी है।
पढ़ें, अपनी मांगों के लिए मर्यादा भूले माननीय
उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड में 2003 से 2007 के बीच बिना बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की अनुमति के जेई के सहायक अभियंता (एई) पद पर प्रमोशन मामले में निगम शिथिलीकरण कर पर्दा डालने की कोशिश में है। लेकिन, इसके विरोध में उत्तरांचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन मुखर हो गया है।
तो होगा आंदोलन
एसोसिएशन का कहना है कि संबंधित जेई को रिवर्ट न किया गया तो आंदोलन करेंगे। उधर, वर्ष 2004 में सीधी भर्ती से नियुक्त 58 एई का कहना है कि उनके अधीन काम कर चुके कई जेई को बोर्ड के फैसले के बाद पदोन्नत कर दिया गया है, जिसके बाद उन्हें इन जेई (अब एई) के अधीन काम करना पड़ेगा।
आरोप लगाया कि नियमों को ताक पर रखकर डिप्लोमाधारी जेई को पदोन्नति दे दी गई। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में उनके लिए निगम में काम करना मुश्किल हो जाएगा। इन एई ने संबंधित जेई को रिवर्ट न करने पर सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी है।
फेसबुक पर राय देने के लिए क्लिक करें...