उत्तराखंड पुलिस में अब वरिष्ठता के आधार पर भी दारोगा और इंस्पेक्टर बन सकेंगे। अब तक केवल सीधी भर्ती और रैंकर्स परीक्षा के आधार पर ही यह व्यवस्था थी।
इस संबंध में बुधवार को कैबिनेट की बैठक में उत्तराखंड उपनिरीक्षक निरीक्षक सेवा नियमावली में बदलाव का प्रस्ताव पास किया गया है। नई व्यवस्था में वरिष्ठता के लिए 33 फीसदी कोटा निर्धारित किया गया है। जबकि, 34 फीसदी दारोगा और इंस्पेक्टर सीधी भर्ती से और 33 फीसदी रैंकर्स परीक्षा के माध्यम से बनेंगे।
अपर पुलिस महानिदेशक रामसिंह मीणा ने बताया कि अभी तक की सेवा नियमावली में 50 फीसदी सीधी भर्ती से और 50 फीसदी रैंकर्स परीक्षा के माध्यम से दारोगा और निरीक्षक बनने की व्यवस्था थी। ऐसे में कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल भर्ती हुए पुलिसकर्मी हेड कांस्टेबल से ही रिटायर हो जाते थे। वहीं, वरिष्ठता से प्रमोशन की व्यवस्था न होने पर बहुत से दारोगा इसी पद से रिटायर हो जाते थे।
अब राज्य पुलिस में रिक्तियों के हिसाब से 33 फीसदी वरिष्ठता के आधार पर भी प्रमोशन की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट का यह निर्णय पुलिस विभाग के हित में है। यह उन सभी पुलिसकर्मियों के भी खुशी की बात है जो काफी समय से ऐसी व्यवस्था का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, अभी वरिष्ठता के लिए क्या समय-सीमा होनी है इसकी जानकारी नहीं मिली है। यह दस साल या उससे कम या ज्यादा भी हो सकती है। फिलहाल इस तरह की व्यवस्था भारतीय पुलिस सेवा और प्रांतीय पुलिस सेवाओं में ही लागू हैं।