अब वित्त विभाग ने यह आदेश प्रदेश के सभी विभागों के कार्मिकों और शिक्षकों के लिए लागू किया है। इसका शासनादेश जारी कर दिया गया है। अपर सचिव वित्त अरुणेंद्र सिंह चौहान की ओर से जारी इस आदेश में साफ कर दिया गया है इस विसंगति को तुरंत दूर किया जाए।
वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक इस नई व्यवस्था से सरकार पर करीब 150 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। इस आदेश के जारी होने के बाद छठे वेतन आयोग की संस्तुतियों के आधार पर वेतन ले रहे सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों को इसका लाभ होगा।
यह विसंगति दूर करने के लिए लंबे समय से संघर्ष किया जा रहा था। इस विसंगति के कारण कई कर्मचारी नुकसान उठा रहे थे और उनका मनोबल भी टूट रहा था। अब यह विसंगति दूर होने से प्रदेश के कई हजार कर्मचारियों को लाभ होगा।
-अरुण पांडे, कार्यकारी महामंत्री, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद