डॉ. अमरजीत सिंह ने बताया कि मौके से मिली अधिकांश दवाएं प्रतिबंधित एवं नशीली हैं। एएसपी राजेश भट्ट ने बताया कि बरामद दवाओं का बाजार मूल्य करीब दो करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है।
यह दवाएं बगैर अनुमति के भंडारित की गई हैं। संबंधित स्थल पर दवा भंडारण के लिए औषधि नियंत्रक का वैध लाइसेंस नहीं पाया गया। मौके पर मिली प्रॉपर्टी डीलर परिवार की महिलाओं ने बताया कि उक्त गोदाम घासमंडी (काशीपुर) के एक दवा व्यवसायी ने तीन हजार रुपये प्रति माह किराये पर लिया हुआ है।
प्रारंभिक जांच के बाद कोतवाल चंद्रमोहन सिंह की ओर से मामले में भवन स्वामी गोपाल बिष्ट और दवा व्यवसायी घासमंडी निवासी हरिओम अग्रवाल के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। टीम में सीओ मनोज ठाकुर, कोतवाल चंद्रमोहन सिंह, एसएसआई सतीश कापड़ी, एसआई मदन सिंह बिष्ट, एसओजी कांस्टेबल कैलाश, जरनैल सिंह आदि थे।
काशीपुर में चार वर्ष पूर्व भी प्रतिबंधित दवाओं का बड़ा जखीरा पकड़ा गया था। उस समय पुलिस ने एक मेडिकल स्टोर स्वामी को गिरफ्तार किया था। एसओजी और आईटीआई थाने की टीम ने 12 जुलाई 2015 को तत्कालीन ड्रग इंस्पेक्टर दीपक कुमार के साथ पाकीजा कॉलोनी में स्थित एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारा था। पुलिस बिना लाइसेंस के गोदाम में भंडारण की गई 33 पेटियां बरामद की थीं।
इन दवाओं में स्पास्मोसिप प्लस के कैप्सूल प्रतिबंधित औषधियां (डेक्सट्रो प्रोपोक्सीफेन युक्त) मिले थे। यह दवाएं सरकार की ओर से प्रतिबंधित हैं। तब पुलिस ने आरोपी मोहम्मद अली निवासी घासमंडी, भोजपुर जिला मुरादाबाद को गिरफ्तार किया था। बरामद प्रतिबंधित दवाएं करीब सात लाख की बताई गई थी। इसके अलावा चार अगस्त 2019 को नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमरजीत सिंह साहनी ने खड़कपुर देवीपुरा स्थित एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। वहां काउंटर के नीचे छिपाकर रखी गई प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल बरामद हुए थे। टीम ने मौके से तीन अलग-अलग कंपनियों के 830 टेबलेट और कैप्सूल जब्त किए थे।
मुखबिर की सूचना पर मानपुर स्थित प्रॉपर्टी डीलर के आवास से बड़ी संख्या में प्रतिबंधित दवाएं पकड़ी गई हैं। इस मामले में जांच के लिए औषधि नियंत्रक को बुलाया गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- राजेश भट्ट, एएसपी काशीपुर।