आपदा के दौरान हेलीकॉप्टरों के संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग और नागरिक उड्डयन विभाग मिलकर काम करेंगे। शासन का कहना है कि एक सप्ताह के भीतर एसओपी तैयार कर ली जाएगी।
केदारनाथ आपदा के बाद अब उत्तरकाशी में हेलीकॉप्टरों के संचालन को लेकर सवाल उठने पर आपदा प्रबंधन विभाग ने तेजी दिखाई है। विभाग का मानना है कि आपदा के दौरान हेलीकॉप्टरों के उपयोग की एसओपी बनने से हेलीकॉप्टरों के संचालन में आसानी होगी। अभी हेलीकॉप्टरों के संचालन के लिए डीजीसीए से अनुमति ली जाती है। एसओपी बनने के बाद यह काम आसान हो जाएगा। उत्तरकाशी आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्य में जुटा एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जबकि एक को आपात स्थिति में लैंड करवाना पड़ा था।
इसके बाद से ही हेली सेवाओं के संचालन को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए थे। यह भी सामने आया था कि हेलीकॉप्टरों के संचालन के लिए प्रदेश में एसओपी तैयार ही नहीं की गई। अब आपदा प्रबंधन विभाग ने एसओपी तैयार करने के लिए नागरिक उड्डयन विभाग का सहयोग लेना तय किया है। केदारनाथ आपदा के दौरान भी एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसके बाद आपदा प्रबंधन विभाग ने पुलिस सहित छह संबंधित विभागों के लिए एसओपी तैयार की। आपदा के दौरान हेलीकॉप्टर संचालन के लिए एसओपी नागरिक उड्डयन विभाग तैयार करेगा।
आपदा के दौरान हेलीकॉप्टरों के संचालन के लिए एसओपी एक सप्ताह में तैयार कर ली जाएगी। वैसे डीजीसीए के लगातार संपर्क में रहा जाता है। डीजीसीए ने कहा है तो एसओपी तैयार की जाएगी।
- अमित नेगी, आपदा प्रबंधन सचिव