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देहरादून की इस पॉश कॉलोनी में समस्याएं बेहिसाब

Fri, 23 Sep 2016 09:20 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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vasat vihar
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दून वैली ऑफिसर्स कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी लिमिटेड की वसंत विहार कॉलोनी कहने के लिए तो राजधानी की सबसे पॉश कॉलोनियों में से एक है। लेकिन यहां भी समस्याओं का अंबार है। साफ-सफाई, सार्वजनिक पथ प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के मामलों में कॉलोनी संबंधित एजेंसियों की उपेक्षा का शिकार है। 
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सोसायटी के चेयरमैन एवं रिटायर्ड इनकम टैक्स कमिश्नर वीआर सागर और सचिव कर्नल (सेवानिवृत्त) एपी कुमेड़ी का कहना है कि यहां अवकाश प्राप्त उच्चाधिकारी निवास करते हैं, लेकिन निराशा की बात है कि जनप्रतिनिधि, प्रशासन, नगर निगम इस कॉलोनी व यहां के निवासियों के प्रति उदासीन हो गए हैं। कॉलोनी में साफ-सफाई, सार्वजनिक पथ प्रकाश व्यवस्था, कूड़ा एकत्रीकरण, सुरक्षा के मामले में संबंधित एजेंसियों का रवैया पूरी तरह नकारात्मक है।

सड़कों की सफाई के प्रति नगर निगम उदासीन है। दोनों ही पदाधिकारियों का आरोप है कि नगर निगम प्रशासन के स्वास्थ्य अनुभाग का रवैया बेहद नकारात्मक रहता है। कई बार मौखिक और लिखित शिकायत करने पर भी कार्रवाई नहीं होती है। सार्वजनिक पथ प्रकाश का इंतजाम हम खुद करते हैं। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में भी एजेंसी की कार्यप्रणाली से लोग बेहद दुखी हैं। इनका कहना है कि औसतन दस में एक घर पर कूड़ा इकट्ठा करने वाले आते हैं।
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स्वास्थ्य अनुभाग से शिकायत का कोई असर नहीं होता है। हम निगम को टैक्स देते हैं और बदले में हमें बेहद घटिया सेवाएं मिलती हैं। दोनों वरिष्ठ नागरिक दिन में कई घंटे सोसायटी को देते हैं। इनका कहना है कि कई लोग कॉलोनी के गेट सिस्टम को खत्म करवाने की कोशिश में है। गेट सिस्टम सोसायटी की अपनी जमीन पर ही लागू किया गया है। इनका कहना है कि यहां अधिकतर बुजुर्ग रहते हैं। इसलिए सुरक्षा के लिहाज से गेट सिस्टम बेहद जरूरी है। पुलिस, प्रशासन की अनुमति से ही ऐसी व्यवस्था हमने की है। 

40 साल पुरानी है कॉलोनी
इस कॉलोनी की नींब 40 वर्ष पूर्व 1966 में रखी गई थी। दो सौ एकड़ में फैली कॉलोनी में प्लॉट या आवास केवल राजपत्रित अधिकारी ही ले सकते हैं। यहां आईएएस आईएएस, आईपीएस, आईएफएस, आईआरएस, न्यायिक सेवा, सेना, वायुसेना और जल सेना के अधिकारी निवास करते हैं। कालोनी की जितनी भूमि है उसकी मिल्कियत सोसायटी की है। कॉलोनी में तकरीबन चार हजार लोग निवास करते हैं। सही मायने में देखा जाय तो वसंत विहार में अब भी पुराना देहरादून देखा और महसूस किया जा सकता है। जैसा कहा जाता है कि दून पहले रिटायर्ड लोगों का शहर था। खास बात यह है कि यहां निवास करने वाले अधिकतर वरिष्ठ नागरिक हैं।
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खास बातें
- 4000 के आसपास कुल आबादी है वसंत विहार कॉलोनी की
- 200 एकड़ में फैली है कॉलोनी 
- 656 कुल प्लॉट हैं 
- 14 कुल पार्क हैं कॉलोनी में 
- 800 गज से लेकर ढाई हजार गज तक के हैं प्लॉट्स 
- एक छोर चकराता रोड, दूसरा जीएमएस रोड, तीसरा पंडितवाड़ी और चौथा इंदिरानगर को छूता है 
- सामुदायिक भवन व क्लब भी हैं।
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