प्रदेश के 16608 विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों के लिए राहत की खबर है। शिक्षामंत्री अरविंद पांडे के मुताबिक विशिष्ट बीटीसी की मान्यता को लेकर उन्होंने मंगलवार को केंद्रीय संसाधन विकास मंत्री डा.रमेश पोखरियाल निशंक से वार्ता की। केंद्रीय मंत्री ने मामले में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
प्रदेश में वर्ष 2001 से लेकर वर्ष 2016 तक विशिष्ट बीटीसी के आधार पर 16 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती की गई, लेकिन विशिष्ट बीटीसी की मान्यता नहीं ली। विशिष्ट बीटीसी की मान्यता न होने से एनसीटीई और आरटीई के मानके के अनुसार ये सभी शिक्षक अप्रशिक्षित शिक्षक की श्रेणी में आ गए। 31 मार्च 2019 को ये सभी शिक्षक सेवा के लिए अपात्र मान लिए गए।
अब सरकार की ओर से मांग की जा रही है कि राज्य की विशिष्ट बीटीसी को पूर्व की तारीख से मान्यता दी जाए। शिक्षामंत्री अरविंद पांडे के मुताबिक शिक्षकों के मसले पर उनकी केंद्रीय मंत्री के साथ वार्ता हुई है। वार्ता सकारात्मक रही है। वे खुद भी इस मामले को लेकर जल्द ही दिल्ली जाने वाले हैं। शिक्षामंत्री ने दोहराया कि किसी भी शिक्षक के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।