टाइगर फॉल में नहाने के दौरान हुए हादसे की जांच के लिए पहुंची विभिन्न विभागों की टीम ने मौका मुआयना किया। अधिकारियों ने झरने के आसपास दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील विभिन्न प्रजातियों के 17 वृक्ष चिह्नित किए। जिला पर्यटन अधिकारी ने कहा कि आने वाले समय में इन पड़ों को काटा जाएगा। झरने में नहाने की गतिविधियों पर लगाई गई रोक अभी जारी रहेगी।
टाइगर फॉल में 26 मार्च को नहाते हुए पर्यटकों पर एक विशालकाय पेड़ गिर गया था। हादसे में दिल्ली के शहादरा से आईं एक महिला पर्यटक व एक स्थानीय व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद पर्यटन विभाग ने राजस्व, पुलिस, वन विभाग व टाइगर फॉल विकास समिति की एक संयुक्त जांच टीम बनाई थी। टीम ने सोमवार को टाइगर फॉल पहुंचकर मौका मुआयना किया। दुर्घटना स्थल व आसपास की सिविल बंजर भूमि की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण में झरने के आसपास कमजोर स्थिति में मौजूद विभिन्न प्रजातियों के 17 वृक्षों को कटान के लिए चिह्नित किया। इसके अलावा पर्यटकों की सुविधा व सुरक्षा के संबंध में भी सभी स्थिति व व्यवस्थाओं का जायजा लिया। टाइगर फॉल विकास समिति के अध्यक्ष अर्जुन सिंह चौहान ने अधिकारियों से पर्यटकों की सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यकताओं को तत्काल पूरा कराने की मांग की। निरीक्षण करने वाली टीम में राजस्व उप निरीक्षक जियालाल शर्मा, वन दरोगा खिन्ना सिंह तोमर, विवेक वर्मा, नितिन कुमार व स्थानीय होटल व्यवसायी मौजूद रहे।
जिला पर्यटन अधिकारी की पलटी कार, बाल-बाल बचीं
विकासनगर। टाइगर फाॅल हादसे की जांच के लिए मौके पर जा रहीं जिला पर्यटन अधिकारी सीमा नौटियाल की कार ग्राम कोरूवा के निकट पलट गई। दुर्घटना में वह और कार में उनके साथ मौजूद कर्मचारी बाल-बाल बच गए। उन्होंने बताया कि अचानक से वाहन अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे स्थित पहाड़ की साइड में पलट गया। दुर्घटना के बाद सभी लोग दूसरे वाहन में सवार होकर टाइगर फॉल पहुंचे।