आरोप है कि इस दौरान प्रधानाचार्य चंद्रपाल ने कव्वाली के जरिये धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। इसकी जानकारी बच्चों ने घर जाकर अपने परिजनों को दी थी। इसके बाद बृहस्पतिवार को परिजन स्कूल पर जुट गए। गुस्साए परिजन, प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। विद्यालय पहुंचे लोगों का आरोप था कि प्रधानाध्यापक उनके धर्म का अपमान कर रहे हैं।
हंगामा बढ़ता देख पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया। सूचना पाकर ग्राम प्रधान ललित रोड और गणमान्य लोग भी मौके पर पहुंच गए और प्रधानाचार्य से वार्ता की गई। प्रधानाचार्य ने बताया कि कार्यक्रम में उन्होंने कव्वाली पढ़ी थी, जिसमें बताया गया था कि आदमी का दिल साफ होना चाहिए, फिर वह चाहे मंदिर में जाए या फिर मस्जिद में।
प्रधानाचार्य के समझाने के बाद मामला शांत हो गया। वहीं, प्रधानाचार्य चंद्रपाल का कहना है कि बच्चों का मन रखने के लिए एक कव्वाली सुनाई गई थी, जिसका कुछ बच्चों ने गलत अर्थ निकाल लिया था। कव्वाली के माध्यम से किसी की भावना को आहत करने का आरोप निराधार है।