थाईलैंड की राजकुमारी महाचक्री ने दोनों देशों के बीच साझेदारी और रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए राजनयिकों और वरिष्ठ गण्यमान्य हस्तियों के 20 सदस्यीय थाई प्रतिनिधिमंडल के साथ बृहस्पतिवार को भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आईएमए के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल जीएस नेगी से बातचीत की और अकादमी के प्रशिक्षण और प्रशासनिक पहलुओं जैसे कई मुददों पर चर्चा की।
राजकुमारी सिरिनधर एक इंस्ट्रक्टर रही हैं तथा चुलाचोमक्लाओ रॉयल एकेडेमी में इतिहास पढ़ाती हैं। राजकुमारी ने थाईलैंड की तरफ से भारत के साथ रक्षा सहयोग को अगले स्तर तक ले जाने की इच्छा प्रकट की। इस दौरान उन्होंने अकादमी में प्रशिक्षण बुनियादी ढांचे की सराहना की। प्रतिनिधिमंडल ने आईएमए और चुलचोमकोलो रॉयल मिलिट्री थाईलैंड के बीच औपचारिक विनिमय कार्यक्रम शुरू करने की इच्च्छा भी जाहिर की। भारत और थाईलैंड ने मेघालय के उमरोई में मैत्री 2019 के तहत एक संयुक्त सैन्य अभ्यास किया था।
थाईलैंड की राजकुमारी महाचक्री सिरिंधोर्न जब सर्किट हाउस पहुंची और किसी को मास्क लगाए हुए नहीं देखा तो दंग रह गईं। उन्होंने मास्क न लगाने पर आश्चर्य जताया।
बृहस्पतिवार की दोपहर तीन बजकर आठ मिनट पर थाईलैंड की राजकुमारी सर्किट हाउस पहुंची। सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह और एएसपी राजीव मोहन ने बुके देकर उनका स्वागत किया। वह सर्किट हाउस में लगी चिपको आंदोलन की मूर्ति को निहारती रहीं। दो मिनट तक मूर्ति को निहारने के बाद उन्होंने फोटो खींची। सिटी मजिस्ट्रेट सिंह ने उन्हें चिपको आंदोलन के बारे में विस्तार से बताया।
बताया कि पेड़ काटे जा रहे थे तो उनको बचाने के लिए महिलाएं आगे आई थीं। पेड़ों पर लिपटकर उनको बचाने की गुहार लगाई थी। राजकुमारी के लिए पानी की बोतल से लेकर अन्य खाद्य सामग्री उनके स्टाफ के लोग साथ लेकर आए थे। उनको सर्किट हाउस के मानसरोवर सूट में रुकवाया गया। दोपहर 3 बजकर 22 मिनट पर राजकुमारी देवस्थल के लिए रवाना हुईं।