उत्तराखंड अपने पहाड़ी खाने के लिए पहले से ही प्रसिद्घी बटोरता रहा है। यहां का स्थानीय जायका न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि स्वास्थ को किसी न किसी तरह लाभ पहुंचाने वाला है।
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उत्तराखंड दौरे पर आए ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स और उनकी पत्नी ने गढ़वाली व्यंजन की तारीफ करते हुए इसे बनाने के बारे में जानकारी ली।
पारंपरिक स्वाद
इस प्रसिद्घ व्यंजनों में गढ़वाल, कुमाऊं और जौनसार का स्वाद शामिल है। झंगोरे की खीर, गहत की दाल, मंडुवे की रोटी, पतोड़े, आलू-टमाटर का झोल, झोली, भट की चड़कानी, आटे का हलवा आदि शामिल हैं।
लोगों तक इस पारंपरिक स्वाद को पहुंचाने के लिए समय-समय पर उत्तराखंड सरकार द्वारा ट्रेड फेयर लगाए जाते हैं। जहां इन व्यजनों को उपलब्ध कराया जाता है।
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अपने उत्तराखंड के दौरे के दौरान ब्रिटेन के राजकुमार चार्ल्स और उनकी पत्नी कैमिला पार्कर ने उत्तराखंड के व्यंजनों झंगोरे की खीर, गहत की दाल और मंडुवे की रोटी का स्वाद चखा तो इनकी प्रशंसा किए बिना नहीं रह सके। दोनों को ये व्यंजन खूब भाए।
प्रिंस के शाही भोज में गढ़वाली भोज
उनके साथ प्रदेश के मुखिया विजय बहुगुणा सहित 125 मेहमानों ने नरेंद्रनगर स्थित आनंदा होटल में शाही भोज का लुत्फ उठाया। शाही भोज में गढ़वाली व्यंजन भी शामिल किए गए थे। उन्होंने गहत की दाल, मंडुवे की रोटी और झंगोरा की खीर का स्वाद चखा।
शाही दंपति ने गढ़वाली व्यंजन परोस रहे होटल के एक सैफ से भोजन की तारीफ करते हुए इसे बनाने के बारे में जानकारी ली। उनके दल के सदस्य भी इन व्यंजनों के मुरीद नजर आए। प्रदेश सरकार की ओर से आयोजित शाही भोज के लिए आनंदा होटल में कम लेकिन दमदार डिश तैयार की गई थी।
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